महाराष्ट्र में म्युनिसिपल चुनावों की सरगर्मी के बीच नासिक म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (NMC)
होटल ट्रीट में जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस, गठबंधन का ऐलान
NCP-शिवसेना गठबंधन की ओर से मंत्री नरहरि जिरवाल (Narhari Zirwal) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि नासिक म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनाव में दोनों दल मिलकर उतरेंगे और उम्मीदवारों का चयन चुनावी मेरिट (Elective Merit) के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि इस चुनाव में सीटों की संख्या से ज्यादा अहम उम्मीदवार की जीतने की क्षमता और जनाधार होगा।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूर्व सांसद समीर भुजबल (Sameer Bhujbal), पूर्व सांसद हेमंत गोडसे, विधायक हीरामन खोसकर, शिवसेना नेता विजय करंजकर, सूर्यकांत लवटे, NCP शहर अध्यक्ष रंजन ठाकरे, शिवसेना महानगर प्रमुख प्रवीण तिड़मे, NCP के राज्य महासचिव दिलीप खैरे सहित दोनों दलों के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
BJP से जवाब न मिलने पर लिया फैसला
नेताओं ने बताया कि राज्य में BJP, शिवसेना और NCP की महायुति सरकार मिलकर काम कर रही है और नासिक में भी ग्रैंड अलायंस के तौर पर चुनाव लड़ने की कोशिश की गई थी। इसके लिए महायुति नेताओं की कई बैठकें भी हुईं। हालांकि, नॉमिनेशन की समय-सीमा नजदीक आने के बावजूद BJP की ओर से कोई स्पष्ट संदेश या अंतिम फैसला नहीं मिला, जिसके चलते शिवसेना और NCP ने साथ मिलकर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।
सीटों से ज्यादा मेरिट पर फोकस
मंत्री नरहरि जिरवाल ने स्पष्ट किया कि इस गठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर कोई खींचतान नहीं होगी। उम्मीदवारों का चयन पूरी तरह से चुनावी मेरिट, जमीनी पकड़ और जनता के बीच स्वीकार्यता को ध्यान में रखकर किया जाएगा।
पूर्व सांसद समीर भुजबल ने कहा कि गठबंधन का मुख्य उद्देश्य नासिक शहर का विकास है। उन्होंने कहा, “हम ऐसे उम्मीदवारों को मौका देना चाहते हैं जो वास्तव में चुनाव जीत सकें और नासिक के विकास के लिए काम कर सकें।”
आखिरी समय में फैसला, कार्यकर्ताओं को संदेश
पूर्व सांसद हेमंत गोडसे ने बताया कि महायुति के सभी घटक दलों की बैठकें लगातार चल रही थीं, लेकिन समय की कमी और BJP की ओर से पॉजिटिव रिस्पॉन्स न मिलने के कारण यह फैसला लेना पड़ा।
वहीं शिवसेना नेता विजय करंजकर ने कहा कि बड़े भाई होने के नाते BJP के फैसले का इंतजार किया गया, लेकिन कार्यकर्ताओं को असमंजस में न रखने के लिए आखिरी चरण में यह निर्णय लिया गया। उन्होंने भरोसा जताया कि यह गठबंधन नासिक म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन चुनाव में बड़ी सफलता हासिल करेगा।
नासिक की राजनीति में नया समीकरण
NCP-शिवसेना गठबंधन के ऐलान के बाद नासिक की राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। अब यह देखना अहम होगा कि इस इलेक्टिव मेरिट फॉर्मूले का चुनावी असर क्या रहता है और मुकाबले में बाकी दल किस तरह की रणनीति अपनाते हैं।



