Joindia
मुंबईराजनीति

Mahila doctor rape case: गृह मंत्रालय पर दाग: महिला डॉक्टर से बलात्कार मामले ने खड़ी की कानून व्यवस्था पर गंभीर शंका

doctor suicide rape case 640x375 1

महिला डॉक्टरों में उबाल, मुख्यमंत्री फडणवीस से निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग

Advertisement

जो इंडिया / मुंबई: (Mahila doctor rape case)

महाराष्ट्र में एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सातारा जिले की एक महिला डॉक्टर ने पुलिस अधिकारी द्वारा लगातार बलात्कार और उत्पीड़न से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। इससे पहले उसने गृह मंत्रालय और पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर अपनी पीड़ा और हो रहे अत्याचार की जानकारी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश की लहर फैला दी है।

महिला डॉक्टर ने अपनी शिकायत में साफ लिखा था कि “यदि मेरे साथ कुछ होता है, तो इसकी जिम्मेदारी पुलिस अधिकारियों की होगी।” इसके बावजूद गृह मंत्रालय और पुलिस विभाग ने आंखें मूंद लीं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, जिनके पास गृह मंत्रालय का प्रभार है, अब विपक्ष और जनता दोनों के निशाने पर हैं।

चार बार की शिकायत, फिर भी कार्रवाई शून्य
मृतका ने चार बार लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। अब यह सवाल उठ रहा है कि आखिर महिला की पुकार क्यों अनसुनी की गई? क्या किसी प्रभावशाली अधिकारी को बचाने के लिए यह साजिश रची गई?

बहन ने लगाया गंभीर आरोप
मृतका की बहन ने खुलासा किया कि उस पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फेरबदल करने का दबाव डाला जा रहा था। जब उसने ऐसा करने से इनकार किया, तो उसके साथ मानसिक प्रताड़ना बढ़ा दी गई। मृतका ने इस मामले में पाँच पन्नों का विस्तृत पत्र भी लिखा था और आरटीआई के तहत सूचना मांगी थी। फिर भी किसी भी अधिकारी या आरोपी डॉक्टर धुमाल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

“वो आत्महत्या नहीं कर सकती” — परिवार का दावा
परिवार का कहना है कि मृतका बेहद साहसी और जिम्मेदार लड़की थी। वह रोजाना 80 से 90 पोस्टमार्टम संभालती थी — यानी बेहद मजबूत मानसिकता वाली महिला थी। परिवार ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि सिर्फ हाथ पर लिखे सुसाइड नोट के आधार पर निष्कर्ष न निकाला जाए, बल्कि उसके द्वारा भेजे गए पत्रों की भी जांच की जाए।

महिला डॉक्टरों में गुस्सा, न्याय की मांग तेज़
राज्यभर की महिला डॉक्टरों में इस घटना को लेकर गुस्सा है। उनका कहना है कि अगर डॉक्टर जैसी पेशेवर महिला भी सुरक्षित नहीं है, तो आम महिलाओं का क्या होगा? महिला डॉक्टर संघों ने मुख्यमंत्री फडणवीस से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर सभी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

राजनीतिक तूफान की आहट
यह मामला अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है। विपक्ष ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अधीन आने वाले गृह मंत्रालय की निष्क्रियता पर सवाल उठाए हैं। यह कहा जा रहा है कि राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और महिलाओं की सुरक्षा सिर्फ भाषणों में रह गई है।

Related posts

Kalwa’s old bridge work started: सफर होगा सुहाना, मैस्टिक पद्धति से होगा डांबरिकरण, पुराने कलवा पुल मरम्मतीकरण कार्य की शुरुवात

Deepak dubey

पश्चिम रेलवे को 9 महीने के बाद मिले महाप्रबंधक, अनिल गलगली की शिकायत का असर

Deepak dubey

बीजेपी संसदीय बोर्ड से नितिन गडकरी और शिवराज सिंह चौहान बाहर ,देवेंद्र फडणवीस की बढ़ी ताकत

Deepak dubey

Leave a Comment