नासिक / शिरडी: (Gas Shortage in Shirdi Temple)
महाराष्ट्र के प्रसिद्ध तीर्थस्थल Shirdi Sai Baba Temple
साईं बाबा संस्थान में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं के लिए प्रसादालय में भोजन तैयार किया जाता है। यहां बड़ी मात्रा में गैस का उपयोग होता है, जिससे एक साथ हजारों लोगों के लिए भोजन बनाना संभव होता है। लेकिन हाल ही में गैस की कमी के चलते संस्थान को भोजन पकाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी कारण संस्थान ने भोजन की व्यवस्था में बदलाव करने का फैसला लिया है।
पहले प्रसादालय में भक्तों को पारंपरिक रूप से वरण-भात (दाल-चावल) का प्रसाद दिया जाता था। अब इसकी जगह भक्तों को मसाला चावल, एक रस्सा भाजी और चपाती दी जा रही है। संस्थान का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य गैस की सीमित उपलब्धता के बावजूद सभी श्रद्धालुओं को भोजन उपलब्ध कराना है।
इसके साथ ही प्रसाद वितरण में भी बदलाव किया गया है। मंदिर प्रशासन के अनुसार अब प्रति श्रद्धालु एक लड्डू का पैकेट ही प्रसाद के रूप में दिया जाएगा। पहले कई बार भक्तों को अधिक मात्रा में प्रसाद उपलब्ध कराया जाता था, लेकिन मौजूदा स्थिति में सीमित संसाधनों के कारण यह व्यवस्था लागू की गई है।
साईं बाबा संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय अस्थायी है और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। गैस की आपूर्ति सामान्य होते ही प्रसादालय में पहले की तरह पारंपरिक भोजन और प्रसाद वितरण फिर से शुरू कर दिया जाएगा।
हर दिन देश और विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिरडी पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर प्रशासन के सामने सभी भक्तों को भोजन और प्रसाद उपलब्ध कराना एक बड़ी जिम्मेदारी है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है और जल्द ही स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
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