कल्याण–डोंबिवली महानगरपालिका में मेयर के चुनाव से ठीक पहले राज ठाकरे की पार्टी MNS द्वारा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को समर्थन देने के फैसले ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। यह फैसला इसलिए भी चौंकाने वाला माना जा रहा है क्योंकि सालों की तल्खी के बाद राज ठाकरे
#WATCH मुंबई: कल्याण डोबिंवली महानगरपालिका में राज ठाकरे की पार्टी के नेताओं द्वारा एकनाथ शिंदे की शिवसेना को समर्थन पर शिवसेना(UBT) नेता संजय राउत ने कहा, “…राज ठाकरे बहुत व्यथित हैं जिस तरह से स्थानीय लोगों ने फैसला लिया है। राज साहब का कहना है कि ये मेरी भूमिका नहीं है। ये… pic.twitter.com/xKZtyZCZ7W
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 21, 2026
इस पूरे घटनाक्रम पर शिवसेना (उद्धव गुट) के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने ANI को दिए इंटरव्यू में साफ शब्दों में कहा कि राज ठाकरे इस फैसले से खुद व्यथित हैं। राउत के मुताबिक, “राज साहब का कहना है कि यह उनकी भूमिका नहीं है, न ही उनकी पार्टी की आधिकारिक भूमिका है। अगर स्थानीय स्तर पर पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर कोई फैसला लिया गया है तो उस पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।”
संजय राउत ने उदाहरण देते हुए कहा कि “जैसे अंबरनाथ में कांग्रेस के 12 पार्षद भाजपा के साथ चले गए थे और उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया, वैसे ही हमारी पार्टी में भी जो पार्टी के खिलाफ काम करता है, उस पर सख्त एक्शन होता है।”
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा और तेज हो गई है कि क्या MNS के भीतर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, और क्या यह फैसला उद्धव–राज ठाकरे गठबंधन में दरार का संकेत है। मेयर चुनाव से पहले लिया गया यह कदम अब महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण बनाता नजर आ रहा है।



