जोइंडिया टीम/ मुंबई: महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल
पत्र में आरोप लगाया गया है कि विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर ने नामांकन प्रक्रिया के दौरान विपक्षी दलों के उम्मीदवारों को धमकाया और उनके आवेदन दाखिल करने में बाधा डाली। कांग्रेस का कहना है कि यह एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सीधा हस्तक्षेप है, जो अत्यंत गंभीर और निंदनीय है।
हर्षवर्धन सपकाल ने पत्र में बताया कि राहुल नार्वेकर के भाई मकरंद नार्वेकर, बहन गौरव शिवालकर और भाभी हर्षदा नार्वेकर ने मुंबई के कोलाबा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 225, 226 और 227 से नामांकन पत्र दाखिल किए हैं। आरोप है कि नामांकन दाखिल करने के समय राहुल नार्वेकर स्वयं मौके पर मौजूद थे।
विधानसभा अध्यक्ष श्री. राहुल नार्वेकर यांच्यावर आचारसंहिता भंगाचा गुन्हा दाखल करून त्यांचे नातेवाईक असलेल्या उमेदवारांच्या प्रचारात सक्रिय असलेल्या विधानसभा अध्यक्षांच्या कार्यालयातील अधिकारी कर्मचाऱ्यांवर कारवाई करण्यात यावी, आ.निवडणूक आयोगाच्या पाठीचा कणा अजून मजबूत आहे हे आपण… pic.twitter.com/5q5CizXeJd
— Harshwardhan Sapkal (@INCHarshsapkal) January 2, 2026
कांग्रेस के अनुसार, शाम करीब 5 बजे नामांकन प्रक्रिया के दौरान राहुल नार्वेकर ने पुलिस के माध्यम से भाजपा उम्मीदवारों के खिलाफ आवेदन दाखिल कर रहे विपक्षी दलों के उम्मीदवारों को धमकाया और उन्हें आवेदन दाखिल करने से रोका। सपकाल ने इसे लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन बताया है।
सपकाल ने यह भी आरोप लगाया कि विधानसभा स्पीकर के कार्यालय के करीब 70 अधिकारी और कर्मचारी राहुल नार्वेकर के रिश्तेदारों के चुनाव प्रचार में सक्रिय रूप से शामिल हैं। उन्होंने मांग की है कि इन सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कोड ऑफ कंडक्ट उल्लंघन का मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
पत्र में आगे कहा गया है कि लोकतंत्र में निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त वातावरण में चुनाव कराना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, लेकिन मौजूदा हालात में विपक्षी दलों के उम्मीदवारों पर दबाव डाला जा रहा है और उन्हें नामांकन वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा प्रशासन पर दबाव डालकर विपक्षी उम्मीदवारों को डराना लोकतंत्र की हत्या के समान है। उन्होंने चुनाव आयोग से आग्रह किया कि वह यह साबित करे कि महाराष्ट्र में कानून का राज है और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता व मजबूती बरकरार है।



