दिल्ली और एनसीआर में फिर एक बार घातक स्मॉग के चलते लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. एयर क्वालिटी में मामूली सुधार के बावजूद राजधानी की हवा की गुणवत्ता इंडेक्स (AQI) शुक्रवार सुबह 341 दर्ज की गई, जो अब भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में शामिल है। पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण स्तर लगातार खतरनाक बना हुआ है, जिसके कारण लोगों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। कई इलाकों में धुंध की मोटी परत के कारण दृश्यता भी कम दर्ज की गई, जिससे ट्रैफिक प्रभावित हुआ और सड़क दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा है। ANI ने इस खबर की पुष्टि करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा है कि ‘दिल्ली में ज़हरीले स्मॉग की वजह से हवा 341 AQI पर ‘बहुत खराब’ बनी हुई है, जबकि हवा में थोड़ा सुधार हुआ है।
मौसम विभाग और पर्यावरण विशेषज्ञों ने चिंता जताते हुए कहा, पंजाब और हरियाणा से पराली जलाने के मामलों में भले ही कमी आई है, लेकिन हवा में किसी तरह की राहत नजर नहीं दे रही है. दिल्ली और एनसीआर में स्थानीय प्रदूषण स्रोत—जैसे वाहन, निर्माणकार्य, रोड डस्ट और औद्योगिक उत्सर्जन—स्थिति को अब भी बिगाड़ रहे हैं। सुबह और शाम के समय तापमान में गिरावट तथा हवा की गति धीमी रहने से प्रदूषक कण जमीन के पास ही जमा हो रहे हैं, जिसके चलते AQI सुधर नहीं हो पा रही है.
दिल्ली सरकार ने स्कूलों में आउटडोर गतिविधियों पर रोक जारी रखते हुए लोगों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की अपील की है। डॉक्टरों का कहना है कि ऐसे हालात में सांस, अस्थमा, एलर्जी, आंखों में जलन और हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए। विशेषज्ञ N-95 मास्क का इस्तेमाल, खूब पानी पीने और घरों में एयर प्यूरीफायर चलाने की सलाह दे रहे हैं।
इस बीच, ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तहत कई प्रतिबंध लागू हैं। प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी की आशंका को देखते हुए निर्माण कार्यों पर रोक, डीज़ल वाहनों की निगरानी और सड़कों पर पानी का छिड़काव बढ़ा दिया गया है। हालांकि, हवा की गुणवत्ता में ठोस सुधार के लिए लंबे समय तक कड़े कदम उठाने की जरूरत होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर हवाओं की दिशा और गति अनुकूल हुई, तो अगले 48 घंटों में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन अभी के लिए दिल्ली-NCR प्रदूषण के साये में ही जीने को मजबूर है।



