जो इंडिया / मुंबई। (Ajit Pawar controversy)
महाराष्ट्र की राजनीति में सत्ताधारी नेताओं पर गंभीर आरोप लगते रहे हैं। अब राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) का नाम एक नए विवाद में घिर गया है। बुधवार को सोशल मीडिया पर उनका एक फोन कॉल और वीडियो कॉल वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने सोलापुर जिले की महिला पुलिस उपाधीक्षक अंजली कृष्णा को कथित रूप से धमकाया और अपशब्द कहे।
घटना का पूरा मामला
माढा तालुका के कुर्डू गांव में अवैध रेत और पत्थर उत्खनन की शिकायतों पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस और प्रशासन की टीम पहुंची थी। डीवाईएसपी अंजली कृष्णा ने मौके पर छापेमारी शुरू की ही थी कि अचानक उनका फोन बजा। फोन पर खुद को उपमुख्यमंत्री अजित पवार बताने वाले व्यक्ति ने आरोपियों को छोड़ने के लिए कहा और जोर देकर कहा – “यह मेरा आदेश है।”
शुरुआत में जब अंजली कृष्णा ने फोन पर अजित पवार को पहचाना नहीं, तो वह गुस्से में आ गए और कुछ ही देर बाद उन्होंने सीधा वीडियो कॉल कर लिया। वीडियो कॉल के दौरान पवार ने डीवाईएसपी को कड़े शब्दों में डांटा, जिसके बाद महिला अधिकारी वहीं बांध पर बैठ गईं और स्थिति को संभालने की कोशिश करती रहीं।
गुंडों की गुंडागर्दी, अफसरों पर हमला
कॉल के कुछ ही देर बाद गांव के कथित स्थानीय गुंडे सक्रिय हो गए। उन्होंने न केवल डीवाईएसपी अंजली कृष्णा को वहां से खदेड़ा, बल्कि कार्रवाई कर रहे दो राजस्व अधिकारियों के साथ मारपीट भी की। बताया जाता है कि गांव में लगभग तीन घंटे तक अफरातफरी मची रही।
किसान संगठनों का आक्रोश
इस पूरे मामले पर जनशक्ति किसान संगठन ने कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के संस्थापक अध्यक्ष अतुल खूबसे ने कहा।
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने महिला अधिकारी का अपमान किया है।
उन्होंने अवैध उत्खनन करने वालों को संरक्षण देने का काम किया है।
राज्य सरकार को तुरंत इसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि अगले 8 दिनों में कार्रवाई नहीं हुई, तो हजारों किसान जिला कलेक्टर कार्यालय पर मोर्चा निकालेंगे।
विपक्ष और जनता का दबाव
वायरल वीडियो और कॉल रिकॉर्डिंग के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अजित पवार की कड़ी आलोचना की है। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे को हाथ में लेकर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर राज्य का उपमुख्यमंत्री ही अवैध उत्खनन करने वालों का पक्ष लेगा, तो कानून-व्यवस्था कैसे चलेगी?
इस्तीफे की मांग तेज
किसान संगठन और विपक्ष का कहना है कि अजित पवार को न केवल महिला अधिकारी से सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए बल्कि उन्हें अपने पद से इस्तीफा भी देना चाहिए।



