हाई कोर्ट के निर्देश के बाद एक बड़ा कदम उठाते हुए लोकल ट्रेनों के लगेज डिब्बों को सीनियर सिटीज़न स्पेशल कोच में बदलने का फैसला लिया है। यह निर्णय बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका के बाद लिया गया, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों की यात्रा की कठिनाइयों को सामने रखा गया था।
📌 अब लगेज वैन बनेगा वरिष्ठ नागरिकों के लिए डिब्बा:
फिलहाल, हर लोकल ट्रेन में सिर्फ 14 सीटें वरिष्ठ नागरिकों के लिए आरक्षित होती हैं, जो चर्चगेट की तरफ तीसरे और बारहवें डिब्बे में होती हैं। लेकिन पीक ऑवर्स में इन तक पहुंचना और सीट पाना लगभग असंभव हो जाता है। इस समस्या को देखते हुए, चर्चगेट साइड से सातवें डिब्बे, जो वर्तमान में एक लगेज कोच है, को विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए परिवर्तित किया जाएगा।
🛠️ कोच की विशेषताएं और संरचना:
प्रत्येक कोच में 13 सीटें होंगी।
91 यात्रियों के खड़े होने की क्षमता होगी।
अलग एंट्री और एग्जिट गेट्स होंगे ताकि भीड़ में भी सुरक्षित चढ़ाई और उतराई हो सके।
यह बदलाव पश्चिम रेलवे की 105 नॉन-AC ईएमयू रेक्स में चरणबद्ध रूप से किया जाएगा।
अनुमानित लागत: ₹5.4 करोड़
कार्य एक वर्ष में पूरा किए जाने की योजना।
🚉 वरिष्ठ नागरिकों के लिए बड़ी राहत:
मुंबई में प्रतिदिन लगभग 50,000 वरिष्ठ नागरिक लोकल ट्रेनों से यात्रा करते हैं। भीड़ के चलते इन यात्रियों को बार-बार गिरने, चोट लगने और सीट न मिलने की समस्या का सामना करना पड़ता है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
🗣️ रेलवे का बयान :
पश्चिम रेलवे के सीपीआरओ विनीत अभिषेक ने कहा, “यह पहली बार होगा जब वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग डिब्बा तैयार किया जाएगा। निविदाएं आमंत्रित कर ली गई हैं और जल्द ही कार्य आरंभ होगा।”



