जो इंडिया / नवी मुंबई। (CIDCO land scam)
सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (CIDCO) पर ₹5000 करोड़ के कथित जमीन घोटाले के आरोपों को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने दावा किया है कि बीते वर्षों में कुछ परियोजनाओं को बाजार दर से कम कीमत पर भूखंड आवंटित किए गए, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की स्वतंत्र, समयबद्ध और उच्चस्तरीय जांच (आवश्यकता पड़े तो न्यायिक आयोग/सीबीआई) की माँग की है।
विपक्ष का कहना है कि कुछ आवंटन कथित तौर पर सीमित बोली/प्रत्यक्ष आवंटन के जरिए किए गए और वैल्यूएशन, उपयोग परिवर्तन, FSI/TDR जैसे मामलों में नियमों से छूट दी गई। पवार के अनुसार, “यदि निष्पक्ष जांच हुई, तो जिम्मेदारों की पहचान और राजस्व हानि का वास्तविक आंकलन संभव होगा।”
उधर, सिडको प्रशासन ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सभी आवंटन नीति और प्रक्रिया के अनुरूप हैं, जिनकी ऑडिट ट्रेल उपलब्ध है। सिडको का कहना है कि विपक्ष अनावश्यक राजनीति कर रहा है और किसी भी जांच में वह सहयोग देगा।
आगे की राह:
राज्य सरकार प्रारंभिक फैक्ट-फाइंडिंग रिपोर्ट तैयार कर सकती है।
विसंगतियाँ मिलने पर मामला विजिलेंस/केंद्रीय एजेंसियों को भेजा जा सकता है।
भविष्य में विवाद रोकने के लिए ई-नीलामी को अनिवार्य, तीसरी-पक्ष वैल्यूएशन और आवंटन दस्तावेजों का पब्लिक डिस्क्लोज़र जैसे सुधार संभव हैं।
