जो इंडिया / पनवेल: (Illegal Weapon Case)
पनवेल ट्रैफिक शाखा की सतर्कता के चलते एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। नए पनवेल रेलवे स्टेशन (पूर्व) परिसर में अनधिकृत रूप से पार्किंग की गई एक फॉर्च्युनर कार से पिस्तौल और संदिग्ध चालक का ड्राइविंग लाइसेंस मिलने के बाद खांदेश्वर पुलिस ने गंभीर जांच शुरू कर दी है। यह गाड़ी फर्जी नंबर प्लेट के साथ चल रही थी और ड्राइवर को मौके से हिरासत में लिया गया है।
ट्रैफिक टीम को नंबर प्लेट पर हुआ शक
मंगलवार (2 दिसंबर) की रात करीब 8:30 बजे ट्रैफिक इंस्पेक्टर औदुंबर पाटिल के मार्गदर्शन में ट्रैफिक उपनिरीक्षक जीवन शेरखाने और उनकी टीम ट्रैफिक नियंत्रण का काम कर रही थी। तभी एक सफेद फॉर्च्युनर (MH 03 AH 7863) अनियमित पार्किंग के कारण नजर में आई।
जब नंबर प्लेट पर दर्ज वाहन मालिक से संपर्क किया गया तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया—
“नंबर मेरा है, लेकिन यह गाड़ी मेरी नहीं है। कोई अज्ञात व्यक्ति मेरे वाहन नंबर का गलत इस्तेमाल कर रहा है। इस बारे में मैंने शिकायत भी दर्ज कराई है।”
इस जवाब के बाद पुलिस को गाड़ी संदिग्ध लगने लगी।
कार से पिस्तौल और संदिग्ध दस्तावेज बरामद
जांच के दौरान कार का फ्रंट डोर आधा खुला मिला। कार की तलाशी लेते ही पुलिस को: पिस्तौल जैसी दिखने वाली वस्तु, ‘राजेंद्र निकम’ के नाम का ड्राइविंग लाइसेंस मिला। ‘कोर्ट चेकर ऐप’ के जरिए जांच करने पर पता चला कि राजेंद्र निकम पर मुंबई में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
आरोपी मौके पर पहुँचा, गिरफ्तार
थोड़ी देर बाद 48 वर्षीय राजेंद्र निकम (निवासी—चुनाभट्टी, मुंबई) घटनास्थल पर पहुंच गया। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लेकर फॉर्च्युनर समेत खांदेश्वर पुलिस स्टेशन की डिटेक्शन टीम को सौंप दिया।
बड़े सवाल और पुलिस जांच शुरू
इस मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं—
फॉर्च्युनर का असली मालिक कौन है?
डुप्लिकेट नंबर प्लेट लगाकर गाड़ी चलाने का उद्देश्य क्या था?
कार से मिले पिस्तौल का इस्तेमाल किन अपराधों में किया गया?
क्या आरोपी किसी बड़े गैंग से जुड़ा हुआ है?
पुलिस सभी पहलुओं को खंगालते हुए आगे की गहन जांच में जुट गई है।
