मुंबई (Mumbai) में हाल ही में श्रीलंका टूरिज़म (Sri Lanka Tourism) प्रमोशन ब्यूरो (SLTPB) ने एक शानदार नेटवर्किंग इवनिंग का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य था श्रीलंका और भारत के बीच पर्यटन, व्यापार और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करना। इस कार्यक्रम में श्रीलंका के यात्रा एवं पर्यटन उद्योग के वरिष्ठ प्रतिनिधि और भारत के प्रमुख टूर ऑपरेटर्स, ट्रैवल एजेंट्स, MICE प्लानर्स, कॉर्पोरेट्स, एयरलाइंस और मीडिया फील्ड के लोग शामिल हुए।
इस इवेंट ने दोनों देशों के व्यापारिक समुदायों के बीच संवाद, सहयोग और व्यावसायिक विकास का एक मजबूत पुल स्थापित किया। इस अवसर पर श्रीलंका की बढ़ती लोकप्रियता को खास तौर पर पर्यटन, व्यापार और डेस्टिनेशन वेडिंग के क्षेत्र में प्रदर्शित किया गया।
पर्यटन में रिकॉर्ड वृद्धि:
2025 में श्रीलंका के पर्यटन क्षेत्र में अभूतपूर्व उछाल देखने को मिला। रिकॉर्ड 23.6 लाख विदेशी पर्यटक श्रीलंका पहुंचे, जो देश के इतिहास में सबसे बड़ी संख्या है। इस लिस्ट में भारत सबसे आगे रहा, जहाँ से 5.31 लाख से अधिक पर्यटक श्रीलंका की यात्रा करने आए, यानी कुल पर्यटकों का लगभग 27% और किसी भी अन्य देश से दोगुना। यह आंकड़ा भारत और श्रीलंका के पुराने सांस्कृतिक संबंधों, बेहतर हवाई कनेक्टिविटी और सक्रिय मार्केटिंग का नतीजा है।
कार्यक्रम की खासियत:
इवेंट की शुरुआत भारत और श्रीलंका के राष्ट्रगान और पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद SLTPB और श्रीलंका एयरलाइंस के वरिष्ठ अधिकारियों ने अपनी बातें साझा कीं। उन्होंने बताया कि श्रीलंका सिर्फ सुंदर समुद्र तटों और ऐतिहासिक स्थलों के लिए ही नहीं, बल्कि एडवेंचर, योग-वेलनेस और डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए भी एक परफेक्ट डेस्टिनेशन बनता जा रहा है।
बढ़ती पर्यटक भीड़ को देखते हुए श्रीलंका एयरलाइंस और भारत की एयरलाइंस ने मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद से नई उड़ानों की सुविधा शुरू की, जिससे यात्रा और भी आसान और सुविधाजनक हो गई।
संस्कृति और मनोरंजन का तड़का:
कार्यक्रम में श्रीलंका के पारंपरिक नृत्य और संगीत ने चार चाँद लगाए, जिसमें वहां की पुरानी कला और संस्कृति की झलक दिखी। शानदार डिनर, नेटवर्किंग और एक राफ़ल ड्रॉ ने शाम को और भी यादगार बना दिया। इस दौरान उपस्थित लोगों को आपस में बातचीत करने, नए बिजनेस अवसर खोजने और श्रीलंका की मेहमाननवाज़ी का अनुभव करने का मौका मिला।
भविष्य की योजना और साझेदारी:
भारत श्रीलंका का सबसे बड़ा पर्यटन मार्केट बना हुआ है। इसे देखते हुए SLTPB ने भारत के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत करने का वादा किया। उनका लक्ष्य है कि लोग श्रीलंका को सिर्फ छुट्टियों के लिए ही नहीं, बल्कि बिजनेस मीटिंग्स, MICE इवेंट्स और डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए भी चुनें।
श्रीलंका की महत्वाकांक्षी योजना है कि 2026 तक 30 लाख विदेशी पर्यटकों को आकर्षित किया जाए। भारत के साथ सहयोग के जरिए श्रीलंका लगातार विश्व भर के यात्रियों को अपनी ओर खींच रहा है और दोनों देशों के कारोबारी और सांस्कृतिक संबंधों को नई ऊँचाइयों पर ले जा रहा है।
