जो इंडिया / मुंबई: (Central Railway Fire Incident)
ठाणे जिले के कलवा इलाके में रेलवे ट्रैक से सटे नाले में जमा कचरे में अचानक लगी आग ने एक बार फिर मध्य रेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही देर में घना काला धुआँ ट्रैक पर फैल गया, जिससे ट्रेन चालकों को सिग्नल और आगे का ट्रैक देखने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
धुएँ के कारण ट्रैक पर दृश्यता लगभग शून्य हो गई, जिसके चलते रेलवे प्रशासन ने एहतियातन कौशन ऑर्डर जारी किया। इसका सीधा असर सेंट्रल रेलवे की सेवाओं पर पड़ा और मुंबई से गुजरने वाली लोकल ट्रेनों के साथ-साथ कई मेल व एक्सप्रेस ट्रेनें 15 से 20 मिनट तक देरी से चलाई गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अप और डाउन फास्ट लाइनों पर ट्रेनों को हैंड सिग्नल के जरिए निकाला गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग रेलवे ट्रैक से बेहद करीब लगी थी, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई थी। रेलवे सूत्रों का कहना है कि नाले में लंबे समय से कचरा जमा था, जिसकी सफाई समय पर नहीं की गई। यही कचरा आग की वजह बना, जो प्रशासनिक अनदेखी को साफ तौर पर दर्शाता है।
घटना की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड, ठाणे महानगरपालिका का आपदा प्रबंधन विभाग और रेलवे पुलिस मौके पर पहुँची। कड़ी मशक्कत के बाद शाम करीब 7 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
हालांकि, यह घटना कोई पहली नहीं है। इससे पहले भी रेलवे ट्रैक के पास कचरे में आग लगने की घटनाएँ सामने आती रही हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि रेलवे ट्रैक के आसपास सफाई और सुरक्षा की जिम्मेदारी किस विभाग की है? हर बार किस्मत साथ दे, यह जरूरी नहीं।
Central Railway Fire Incident: कलवा रेलवे ट्रैक के पास कचरे में भीषण आग, धुएँ से थमी सेंट्रल लाइन की रफ्तार, मध्य रेल की लापरवाही उजागर, लोकल-एक्सप्रेस 20 मिनट तक रहीं प्रभावित
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