जो इंडिया / नवी मुंबई: (CPR saved life)
रसायनी रेलवे स्टेशन परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मानसिक तनाव से जूझ रहा एक व्यक्ति बिजली के खंभे पर चढ़ गया। उसे सुरक्षित नीचे उतारने के लिए चल रही बचाव कार्रवाई के दौरान एक गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण हादसा हो गया। इस रेस्क्यू ऑपरेशन में आगे बढ़कर मदद कर रहे हेल्प फाउंडेशन के 46 वर्षीय स्वयंसेवक विजय भोसले को अचानक तेज बिजली का झटका लग गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
बिजली के झटके के कारण भोसले की जीभ में चोट आई, धुएं के प्रभाव से उनके श्वसन मार्ग को नुकसान पहुंचा, शरीर की त्वचा झुलस गई, वहीं रीढ़ की हड्डी और पसलियों में फ्रैक्चर भी हो गया। हादसे के तुरंत बाद वे बेहोश होकर गिर पड़े और उनका श्वसन भी रुक गया, जिससे मौके पर मौजूद सभी लोग सकते में आ गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि तत्काल जीवनरक्षक चिकित्सा सहायता की आवश्यकता आन पड़ी।
घटना की गंभीरता को भांपते हुए हेल्प फाउंडेशन के संस्थापक गुरुनाथ साठेलकर ने बिना समय गंवाए मौके पर ही भोसले को CPR देना शुरू किया। समय पर दी गई इस प्राथमिक जीवनरक्षक प्रक्रिया के कारण कुछ ही पलों में श्री भोसले की सांसें दोबारा चल पड़ीं। इसके बाद उन्हें तुरंत रसायनी पुलिस स्टेशन के पास से मेडिकवर हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज शुरू किया।
मेडिकवर हॉस्पिटल्स के प्रादेशिक संचालक नीरज लाल ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि घटनास्थल पर समय पर दिया गया CPR ही श्री भोसले की जान बचाने में निर्णायक साबित हुआ। उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में कुछ मिनटों की देरी भी जानलेवा हो सकती है, लेकिन सही समय पर सही उपचार मिलने से बड़ा संकट टल गया।
इस घटना ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है। साथ ही मेडिकवर हॉस्पिटल्स की त्वरित आपातकालीन और गहन चिकित्सा सेवाओं ने यह भरोसा मजबूत किया है कि संकट की घड़ी में संस्थान समाज को विश्वसनीय और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह सक्षम है।
