जो इंडिया / मुंबई: (Maharashtra Bike Taxi Policy)
महाराष्ट्र सरकार की बहुप्रतीक्षित बाइक टैक्सी नीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। अब तक केवल इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी को अनुमति देने की नीति पर कायम परिवहन विभाग ने यू-टर्न लेते हुए पेट्रोल से चलने वाली बाइक टैक्सियों को भी मंजूरी देने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद ओला, उबर और रैपिडो जैसी कंपनियों को राज्य में पेट्रोल बाइक टैक्सी संचालन का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है।
सरकार ने पहले पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का हवाला देते हुए केवल ई-बाइक टैक्सी को ही मान्यता देने का निर्णय लिया था। लेकिन कंपनियों की ओर से चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और संचालन में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों का मुद्दा उठाए जाने के बाद परिवहन विभाग ने अपनी नीति में बदलाव कर दिया।
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने 1 अगस्त से पेट्रोल बाइक टैक्सी को भी अधिकृत रूप से संचालन की अनुमति देने की तैयारी पूरी कर ली है। इस फैसले के बाद राज्य में लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुल सकते हैं, वहीं यात्रियों को भी अंतिम मील (Last Mile Connectivity) की बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
नई नीति के तहत बाइक टैक्सी चालक को प्रतिदिन 5 रुपये का कल्याणकारी शुल्क जमा करना होगा। इसके अलावा प्रत्येक सवारी के किराए का 2 प्रतिशत हिस्सा भी कल्याणकारी निधि में जमा कराया जाएगा। चालक के लिए महाराष्ट्र का डोमिसाइल प्रमाणपत्र, वैध ड्राइविंग लाइसेंस और सार्वजनिक सेवा वाहन (बैज) अनिवार्य रहेगा। महिला, छात्र और नाबालिग यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी विशेष सुरक्षा प्रावधान शामिल किए गए हैं।
हालांकि, सरकार के इस अचानक बदले रुख ने राजनीतिक बहस भी तेज कर दी है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने पहले पर्यावरण संरक्षण का हवाला देकर पेट्रोल बाइक टैक्सी को खारिज किया था, लेकिन अब निजी कंपनियों के दबाव में नीति बदल दी गई है। विपक्ष ने यह भी सवाल उठाया है कि यदि पेट्रोल बाइक टैक्सी पर्यावरण के लिए नुकसानदायक थीं, तो अब उन्हें अनुमति देने का आधार क्या है।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के रुख में आए बदलाव को लेकर भी विपक्ष हमलावर है। विपक्षी दलों का दावा है कि इस फैसले के पीछे कंपनियों के साथ “सेटिंग” हुई है, हालांकि सरकार की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अब सभी की नजर 1 अगस्त से लागू होने वाली नई बाइक टैक्सी नीति पर है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस फैसले को रोजगार और सुविधा बढ़ाने वाला कदम साबित कर पाती है या फिर इसे लेकर राजनीतिक विवाद और गहराता है।
Maharashtra Bike Taxi Policy: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा यू-टर्न! अब पेट्रोल बाइक टैक्सी को भी मिलेगी मंजूरी, नीति बदलने पर उठे सवाल

Advertisement
Leave a Comment


