जो इंडिया / पुणे: (Organic Farming Training Camp)
जब बाज़ार की सब्ज़ियों पर रासायनिक कीटनाशकों का ख़तरा मँडरा रहा हो और शहरी परिवार स्वस्थ भोजन के लिए तरस रहे हों, तब एक संस्था ने ठान लिया है कि हर घर की छत एक छोटा खेत बन सकती है। राष्ट्रीय सुगीपश्चात तकनीक संस्थान (NIPHT), तलेगाँव दाभाडे, जिला पुणे — जो MSAMB के बागवानी प्रशिक्षण केंद्र से संबद्ध है — दिनांक २५ एवं २६ अप्रैल २०२६ को एक विशेष दो दिवसीय ‘जैविक किचन गार्डनिंग कार्यशाला’ का आयोजन कर रहा है। यह कार्यशाला ‘OwnGrown‘ पद्धति पर आधारित है, जो शहरी निवासियों को उनकी छत, बालकनी या आँगन में घातक पेस्टीसाईड-मुक्त तथा कृत्रिम रसायनयुक्त सब्ज़ियाँ उगाने के लिए प्रशिक्षित करती है।
इस कार्यशाला की प्रमुख प्रशिक्षक हैं आँर्गँनिक/नैसर्गिक टेरेस फार्मिंग विशेषज्ञ सरस्वती कुवळेकर। उन्होंने अपने घर की छत पर पूरी तरह रसायन-मुक्त तरीके से विभिन्न प्रकार की सब्ज़ियाँ और पत्तेदार सागभाजी उगाकर शहरी खेती का एक अनुकरणीय आदर्श प्रस्तुत किया है। नैसर्गिक घटक ,खाद का प्रयोग करते हुए सीमित स्थान में परिवार के लिये उत्पादन लेती हैं। सोशल मीडिया के ज़रिए वे हज़ारों शहरी परिवारों को रसायन-मुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को अपनी मिट्टी स्वयं तैयार करना, रसोई के कचरे से कम्पोस्ट बनाना, छोटे कंटेनरों में जैविक सब्ज़ियाँ उगाना, उपयोगी औषधीय पौधों की खेती और प्राकृतिक तत्वों का उपयोग — इन विषयों पर व्यावहारिक (hands-on) प्रशिक्षण दिया जाएगा।
संस्था के संचालक मिलिंद आकरे ने इस पहल के बारे में कहा, “OwnGrown पद्धति केवल सब्ज़ी उगाने तक सीमित नहीं है — यह एक परिवार और उसके भोजन के बीच के संबंध को बदलने की प्रक्रिया है। संस्थागत ज्ञान और ज़मीनी अनुभव के संगम से तैयार यह कार्यशाला हर आम नागरिक तक जैविक खेती की पहुँच बनाने का हमारा प्रयास है।”
कार्यशाला में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के लिए रहने और भोजन की व्यवस्था संस्था की ओर से की जाएगी। पंजीकरण शुल्क ₹३,००० + १८% GST निर्धारित है। शुरुआती और अनुभवी — दोनों प्रकार के बागवान इसमें भाग ले सकते हैं।
आज जब महाराष्ट्र समेत देश के तमाम शहरों में कृत्रिम रासायनो पर उगनेवाले सब्ज़ियों से होने वाले स्वास्थ्य संकट की चिंता गहराती जा रही है, NIPHT का यह कदम महज़ एक कार्यशाला नहीं — यह एक नई शहरी खाद्य-संस्कृति की नींव है। जब छत पर हरियाली होगी, तो थाली में भी शुद्धता होगी।
पंजीकरण के लिए WhatsApp करें: रवींद्र देशमुख: ९८२२४९९२६५ | भागवत सपकाळ: ९७६६५२१२३४



