जो इंडिया / मुंबई: (New Twist in the Kharat Scandal)
महाराष्ट्र की सियासत को झकझोर देने वाले चर्चित खरात कांड में अब एक और बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि कथित ढोंगी बाबा अशोक खरात ने माणिकराव कोकाटे का मंत्री पद रुकवाने के लिए सीधे वरिष्ठ नेता सुनील तटकरे को फोन किया था।
इस दावे के बाद मामला और भी पेचीदा हो गया है। पार्टी ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण में सुनील तटकरे और रूपाली चाकणकर को सह-आरोपी बनाया जाए और उनके कथित लेन-देन की गहन जांच की जाए।
“खरात अकेला नहीं, पीछे बड़ा नेटवर्क”
राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद पवार) के प्रदेश प्रवक्ता एवं संगठन सचिव विकास लवांडे ने प्रेस से बातचीत में कहा कि यह मामला अब केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि अशोक खरात ने पिछले कुछ वर्षों में कई महिलाओं का शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण किया है। लवांडे के अनुसार, “इतने बड़े स्तर पर यह सब अकेले संभव नहीं है, इसके पीछे प्रभावशाली लोगों का संरक्षण हो सकता है, जिसकी वजह से अब तक उस पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।”
कोकाटे से सच सामने लाने की अपील
पार्टी ने माणिकराव कोकाटे से भी अपील की है कि अगर उनके पास इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ी कोई जानकारी है, तो उसे सार्वजनिक करें, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
चाकणकर के इस्तीफे पर उठे सवाल
रूपाली चाकणकर द्वारा हाल ही में राज्य महिला आयोग और पार्टी के महिला प्रदेश अध्यक्ष पद से दिए गए इस्तीफे पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।
लवांडे ने तंज कसते हुए कहा कि उनका इस्तीफा “जिम्मेदारी से बचने का प्रयास” लगता है, न कि जवाबदेही स्वीकार करने का कदम।
उन्होंने आरोप लगाया कि चाकणकर खुद इस पूरे मामले में संलिप्त हो सकती हैं और उन्हें जांच से पहले ही खुद को अलग करने की कोशिश की जा रही है।
नासिक कनेक्शन और मुलाकातों का दावा
राकांपा (शरद पवार गुट) ने दावा किया है कि सुनील तटकरे और रूपाली चाकणकर कई बार नासिक एयरपोर्ट पर उतरकर वहां से सड़क मार्ग से अशोक खरात से मिलने गए थे।
इतना ही नहीं, उनके माध्यम से कई अन्य लोगों की मुलाकात भी करवाई गई, जिससे इस पूरे मामले में उनकी भूमिका पर सवाल और गहरे हो गए हैं।
सीडीआर जांच की मांग तेज
विकास लवांडे ने मांग की है कि अशोक खरात, सुनील तटकरे और रूपाली चाकणकर के पिछले कुछ वर्षों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और मैसेज की जांच की जाए।
उनका कहना है कि इससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकता है और यह सामने आ सकता है कि किन-किन लोगों का इस कथित रैकेट से संबंध रहा है।
राजनीति में बढ़ी गर्मी
इस नए खुलासे के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। जहां विपक्ष इस मामले में निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहा है, वहीं सत्ताधारी पक्ष की ओर से अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



