जोइंडिया / प्रयागराज : माघमेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने शिविर में धरने पर बैठे हुए हैं। रविवार को पालकी यानी रथ यात्रा रोके जाने के विरोध में शंकराचार्य धरने पर बैठे हैं। वे अपने पंडाल में पूरी रात ठंड में धरने पर बैठे रहे। अनाज का एक दाना भी ग्रहण नहीं किया। पानी भी नहीं पी रहे हैं। अपनी व्यथा सुनाने को उन्होंने मीडिया का सहारा लिया। सोमवार दोपहर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा- जब तक प्रशासन आकर माफी नहीं मांगता, तब तक हम अपने आश्रम में प्रवेश नहीं करेंगे। फुटपाथ पर ही रहेंगे। उन्होंने कहा, ‘शंकराचार्य जब भी इतिहास में स्नान करने गए हैं, पालकी में ही गए हैं। हर साल इसी पालकी में जाते रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि जब तक पुलिस प्रशासन सम्मान और प्रोटोकॉल के साथ नहीं ले जाएगा, तब तक गंगा स्नान नहीं करेंगे।’ उन्होंने आगे कहा कि प्रण लेता हूं, हर माघ मेले में प्रयागराज आऊंगा, लेकिन कभी भी शिविर में नहीं रहूंगा। फुटपाथ पर अपनी व्यवस्था करूंगा।
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‘शंकराचार्य जब भी इतिहास में स्नान करने गए हैं, पालकी में ही गए हैं। हर साल इसी पालकी में जाते रहे हैं। जब तक पुलिस प्रशासन सम्मान और प्रोटोकॉल के साथ नहीं ले जाएगा, तब तक गंगा स्नान नहीं. प्रण लेता हूं, हर हर माघ मेले में प्रयागराज आऊंगा, लेकिन कभी भी शिविर में नहीं रहूंगा। फुटपाथ पर अपनी व्यवस्था करूंगा।’
-शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद
Praygraj magh mela 2026 : मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य की रथ यात्रा
इससे पहले मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगीराज ने बताया, ‘शंकराचार्य ने कल से कुछ भी नहीं खाया है। कोई प्रशासनिक अधिकारी उनसे मिलने तक नहीं आया। सुबह अपनी पूजा और दंड तर्पण उसी स्थान पर किया।
संगम में संग्राम : Praygraj magh mela 2026
मौनी अमावस्या पर शंकराचार्य की रथ यात्रा के दौरान हुए बवाल का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। फुटेज में दिख रहा है कि पुलिस ने संगम जाने वाले मार्ग पर बैरिकेडिंग लगाई थी। यहां शंकराचार्य के समर्थकों और पुलिस कर्मियों के बीच गहमागहमी शुरू हुई थी। फिर शिष्यों और समर्थकों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे निकलना शुरू कर दिया।
गौरतलब है कि शंकराचार्य घटना से पूर्व भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की घोषणा की थी लेकिन बाद में स्थगित कर दिया था।
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