जो इंडिया/मुंबई: मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) चुनाव का प्रचार अब पूरी तरह रंग पकड़ चुका है। महायुति की पहली कैंपेन मीटिंग वर्ली डोम में होते ही चुनावी माहौल गरमा गया है। इसके बाद रविवार को ठाकरे भाइयों के शिवशक्ति गठबंधन
मुंबई में पिछले सालों में हुए विकास कार्यों को लेकर अब खुली क्रेडिट की लड़ाई छिड़ गई है। इसी कड़ी में BJP और शिवसेना (शिंदे गुट) द्वारा मुंबई में बालासाहेब ठाकरे की पूरी लंबाई वाली मूर्ति लगाने का श्रेय लेने पर विवाद खड़ा हो गया है।
इस मुद्दे पर शिवसेना (ठाकरे) के युवा नेता और विधायक आदित्य ठाकरे (Aaditya Thackera) ने डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shind) पर बेहद तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए आदित्य ठाकरे ने सीधे शब्दों में BJP-शिंदे गुट को “क्रेडिट चोर” करार दिया।
कोण किती खोटारडं असू शकतं, हे ह्या निर्लज्जांना पाहून कळतं… कोस्टल रोडचं जसं हे क्रेडिट चोर श्रेय घेण्याचा खोटा प्रयत्न करत आहेत, तसंच आज होर्डिंग लावलं आहे की वंदनीय हिंदूहृदयसम्राट बाळासाहेब ठाकरे ह्यांचा पुतळाही ह्या खोटारड्यांनी बसवला.
पुतळ्याची जागा, पुतळ्याचं रुप हे… pic.twitter.com/cqXkWw07T3
— Aaditya Thackeray (@AUThackeray) January 4, 2026
आदित्य ठाकरे ने अपने पोस्ट में लिखा, “कोई कितना झूठा हो सकता है, यह इन बेशर्म लोगों को देखकर समझ में आता है। जैसे ये लोग कोस्टल रोड का क्रेडिट चुराने की कोशिश कर रहे हैं, वैसे ही अब एक होर्डिंग लगाकर यह दावा कर रहे हैं कि पूज्य हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे की मूर्ति भी इन्होंने लगवाई है।”
उन्होंने साफ किया कि बालासाहेब ठाकरे की मूर्ति की जगह और आकार उद्धव ठाकरे ने तय किया था, मूर्ति उद्धव ठाकरे ने ही लगवाई, और उसकी फीस भी उद्धव ठाकरे ने ही अदा की थी। आदित्य ठाकरे ने कहा कि सच सामने होने के बावजूद झूठ फैलाया जा रहा है।
आदित्य ठाकरे यहीं नहीं रुके। उन्होंने आगे लिखा,
“लेकिन चोर तो चोर होते हैं… वे सीधे नहीं हो सकते। क्या ये लोग अपने मन के आईने में अपना चेहरा देखते हैं, या वह भी चुराया हुआ होता है?”
#CreditChor हैशटैग के साथ किए गए इस हमले को BMC चुनाव से पहले एक बड़ा राजनीतिक बयान माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आएंगे, मुंबई में विकास कार्यों के श्रेय को लेकर यह सियासी जंग और भी तीखी होती जाएगी।
एक ओर जहां महायुति खुद को विकास का असली चेहरा बताने में जुटी है, वहीं दूसरी ओर ठाकरे गुट इसे झूठ और क्रेडिट चोरी की राजनीति करार दे रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा BMC चुनाव (BMC Elections 2026) की सियासत में बड़ा हथियार बन सकता है।
