जोइंडिया टीम/ मुंबई: BJP Vs ShivSena (UBT) भाजपा नेता केशव उपाध्ये (Keshav Upadhye)
सर्वसामान्य मुंबईकर निवड करतो ती घोषणांची नाही,
तो निवड करतो अनुभवाची… परिणामांची… भविष्याची!
▪️ज्यांनी मेट्रो आणली, प्रवास सुखकर केला — देवेंद्रजी
▪️आणि ज्यांनी मेट्रो अडवली — उध्दव ठाकरे
▪️ज्यांनी कोस्टल रोडसारखे विकास प्रकल्प उभे केले — देवेंद्रजी
▪️आणि ज्यांच्या काळात दर…
— Keshav Upadhye (@keshavupadhye) December 30, 2025
केशव उपाध्ये ने अपने पोस्ट में लिखा कि आम मुंबईकर नारे नहीं चुनता, वह विकास चुनता है। उन्होंने कहा कि मुंबई को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, तेज़ कनेक्टिविटी और सुरक्षित भविष्य देने का काम अगर किसी ने किया है, तो वह देवेंद्र फडणवीस हैं।
उपाध्ये ने अपने पोस्ट में कई अहम विकास परियोजनाओं का ज़िक्र करते हुए उद्धव ठाकरे के कार्यकाल पर सवाल खड़े किए। उन्होंने लिखा कि
- जिस नेतृत्व ने मुंबई को मेट्रो जैसी सुविधा दी, सफर को तेज़ और आरामदायक बनाया — वह देवेंद्र फडणवीस हैं।
- और जिनके दौर में मेट्रो प्रोजेक्ट्स रोके गए — वह उद्धव ठाकरे हैं।
इतना ही नहीं, उन्होंने कोस्टल रोड जैसे बड़े डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स का उदाहरण देते हुए कहा कि देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में मुंबई को आधुनिक शहर बनाने की ठोस दिशा मिली, जबकि उद्धव ठाकरे के समय में मुंबई हर मानसून में गड्ढों, जलभराव और अव्यवस्था से जूझती रही।
केशव उपाध्ये ने BDD चॉल पुनर्विकास का मुद्दा उठाते हुए कहा कि मराठी परिवारों को उनका हक का घर देने का काम देवेंद्र फडणवीस ने किया, जबकि उद्धव ठाकरे सिर्फ “मराठी अस्मिता” के नारे तक सीमित रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि भावनात्मक राजनीति के जरिए मुंबईकरों को गुमराह करने की कोशिश की गई, लेकिन ज़मीन पर ठोस काम नहीं दिखा।
पोस्ट के अंत में उपाध्ये ने साफ शब्दों में लिखा कि
मुंबईकर इमोशन पर वोट नहीं करते।
वह डेवलपमेंट, सिक्योरिटी और फ्यूचर के लिए वोट करते हैं।
उन्होंने कहा कि आज मुंबई के सामने विकल्प साफ है — विकास बनाम जुमले। और मुंबई ने तय कर लिया है कि वह विकास के साथ खड़ी है। इसका सीधा मतलब है कि मुंबई देवेंद्र फडणवीस के साथ है।
इस बयान को आगामी चुनावों के लिहाज़ से बेहद अहम माना जा रहा है, जहां मुंबई में विकास बनाम भावनात्मक राजनीति का मुद्दा फिर से केंद्र में आ गया है।
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