By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Joindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचारJoindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचारJoindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचार
Notification Show More
Font ResizerAa
  • सिटी
    • मुंबई
    • नवीमुंबई
    • ठाणे
    • मीरा भायंदर
    • कल्याण
    • पालघर
    • दिल्ली
    • बंगलुरू
    • कोलकत्ता
  • राजनीति
  • क्राइम
  • देश-दुनिया
  • रोचक
  • खेल
    • फिल्मी दुनिया
  • हेल्थ शिक्षा
  • वेब स्टोरी
    • काव्य-कथा
      • आध्यात्म
Reading: Shiv Sena on RSS: आरएसएस संघ की सेना भारतीय सेना से भी चुस्त है.. तो बॉर्डर पर क्यों नहीं जाते ? शिवसेना ने आरएसएस की उड़ाई खिल्ली!
Share
Font ResizerAa
Joindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचारJoindia.co.in: Hindi News, ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचार
  • सिटी
  • राजनीति
  • क्राइम
  • देश-दुनिया
  • रोचक
  • खेल
  • हेल्थ शिक्षा
  • वेब स्टोरी
Search
  • सिटी
    • मुंबई
    • नवीमुंबई
    • ठाणे
    • मीरा भायंदर
    • कल्याण
    • पालघर
    • दिल्ली
    • बंगलुरू
    • कोलकत्ता
  • राजनीति
  • क्राइम
  • देश-दुनिया
  • रोचक
  • खेल
    • फिल्मी दुनिया
  • हेल्थ शिक्षा
  • वेब स्टोरी
    • काव्य-कथा
Have an existing account? Sign In
Follow US

Home » Shiv Sena on RSS: आरएसएस संघ की सेना भारतीय सेना से भी चुस्त है.. तो बॉर्डर पर क्यों नहीं जाते ? शिवसेना ने आरएसएस की उड़ाई खिल्ली!

मुंबईराजनीतिसिटी

Shiv Sena on RSS: आरएसएस संघ की सेना भारतीय सेना से भी चुस्त है.. तो बॉर्डर पर क्यों नहीं जाते ? शिवसेना ने आरएसएस की उड़ाई खिल्ली!

Deepak dubey
Last updated: October 7, 2025 11:00 am
Deepak dubey
Published: October 7, 2025
Share
Untitled design 2025 07 26T115314.221
SHARE

जो इंडिया /ज्योति दुबे: (Shiv Sena on RSS) आरएसएस अपनी 100 वी वर्षगांठ बना रहा है इस दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत (RSS chief Mohan Bhagwat) अलग-अलग समाज के लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। ऐसे में उनके द्वारा दिए जा रहे बयान पर शिवसेना ने जमकर चुटकी ली है। शिवसेना के मुख्य पत्र सामना में मोहन भागवत के बयानों की खिल्ली उड़ाई है। सामना के सम्पादकीय में लिखा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने एक बार फिर अखंड हिंदू राष्ट्र की संकल्पना प्रस्तुत की है। सिंधी समाज की उपस्थिति में आयोजित एक समारोह में उन्होंने अपने विचार रखे। भारत-पाकिस्तान के विभाजन में सबसे अधिक मुशीबत सिंधी समाज को झेलना पड़ा। सिंधी लोग भारत आकर इस भूमि को अपनी मातृभूमि मानने लगे। वे शरणार्थी छावनियों में रहे, उन्होंने कठिनाइयाँ, अत्याचार सहा। विभाजन के समय जो रक्तपात हुआ, उसमें सबसे अधिक खून सिख और सिंधी समुदाय को ही बहाना पड़ा। भारतभूमि के निर्माण में इस समाज ने जो रक्तसिंचन किया, उसे भुलाया नहीं जा सकता। इस असीम त्याग का स्मरण कर सरसंघचालक भागवत ने सिंधी समाज का गौरव किया। यह बात महत्वपूर्ण है। भागवत ने कहा कि परिस्थितियों ने आप सभी को पाकिस्तान से यहाँ भेजा है। वह घर और यह घर अलग नहीं हैं। पूरा भारत एक ही घर है, लेकिन किसी ने हमारे घर की एक कोठरी लेकर उस पर कब्जा कर लिया है। वह कोठरी मुझे वापस लेनी ही पड़ेगी। इस परिस्थिति में हमें अखंड भारत को याद रखना चाहिए।

Advertisement

भागवत ने सिंधी समाज को जो मार्गदर्शन दिया, वह उचित है। पाकिस्तान के कब्जे में जो कोठरी है, वह भारत में वापस आनी चाहिए। लेकिन वह कोठरी आएगी कैसे? यह काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को ही करना है। मुख्य बात यह है कि ये तीनों ही संघ के स्वयंसेवक हैं। तो फिर संघ के अखंड भारत के विचार को साकार करने के लिए ये तीनों क्या करने वाले हैं? ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय प्रधानमंत्री मोदी को अखंड भारत बनाने का एक अवसर मिला था लेकिन उन्होंने वह अवसर गंवा दिया है।

पहलगाम हमले में 26 भारतीयों की जान लेने वाले पाकिस्तान में सेना घुसाकर, लाहौर-कराची तक घुसकर, पाक-व्याप्त कश्मीर आदि लेकर, फिर वापस लौटेंगे। ऐसी गर्जना प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश पर भारतीय सेना को पीछे हटना पड़ा। पाकिस्तान के कब्जे वाली वह कोठरी भारत में नहीं लाई जा सकी। तो क्या सरसंघचालक भागवत ने प्रधानमंत्री मोदी और अपने स्वयंसेवक मंत्रियों से इस बारे में जवाब-तलब किया? प्रेजिडेंट ट्रम्प की बात मानकर पाकिस्तान से वापस क्यों लौटे? इस पर कोई जांच-पड़ताल की या नहीं? या फिर अखंड भारत पर केवल बड़े बड़े भाषण ही देने हैं! भारत का एक कमरा तो पाकिस्तान के कब्जे में है ही, वही लद्दाख में कई कमरे चीन ने निगल लिए हैं। इस पर आवाज उठाने वाले सोनम वांगचुक को मोदी सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किया। यानी चीन ने भारत के कमरे हड़प लिए, उस पर बोलना नहीं, लेकिन पाकिस्तान के कब्जे वाले कमरे पर लगातार शोर मचाते रहना! यह आखिर किस तरह की नीति है?

सरसंघचालक भागवत ने अगर चीन द्वारा कब्जे में ली गई जमीन (या कोठारी) पर स्पष्ट और तीखा मत व्यक्त किया होता तो बेहतर होता। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय अगर प्रधानमंत्री मोदी ने डर नहीं दिखाया होता, तो भारतीय सेना और वायुसेना पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर में घुसने के लिए तैयार थीं। लेकिन केंद्र सरकार की राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण आगे घोटाला हो गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक अहिंसक सेना है। मोदी राज आने के बाद से वे जगह-जगह सैन्य परेड जैसी गतिविधियाँ करते हैं और खुद को भारतीय सेना होने का दिखावा करते हैं। प्रत्यक्ष में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में ये लोग कहीं नहीं थे और इनमें से किसी भी नेता का स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जेल जाना दर्ज नहीं है। फिर भी भागवत का दावा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारतीय सेना से अधिक सक्षम और चुस्त है। जब देश को ज़रूरत पड़ेगी तो स्वयंसेवकों की ‘सेना’ सिर्फ तीन दिनों में तैयार हो सकती है, जबकि भारतीय सेना को तैयार होने में समय लगेगा। मतलब स्वयंसेवक संघ की बिनशास्त्र की फौज किसी भी भारतीय सेना से अधिक वीर, युद्धप्रिय और अनुभवी है। यह मान ले तो हिंदुत्व का जहर बोने के बजाय इन लोगों को सीमा पर और समुद्र में पहरा देना चाहिए। इससे पुलवामा, पहलगाम, उरी जैसे भयानक हमले नहीं होंगे। लेह-लद्दाख में इन सब को जाकर चीन के कब्जे वाले भारतीय भूभाग को छुड़ाने की हिम्मत दिखाना चाहिए। अखंड भारत कौन नहीं चाहेगा? यह तो हर कोई चाहता है। यह केवल संघ का सपना नहीं, बल्कि हर भारतीय का सपना है।

सिंधु नदी के पास का वह इलाका, जिसे सिंध प्रांत कहा जाता है, 1947 के विभाजन में पाकिस्तान के हिस्से गया। उस प्रांत के सारे सिंधी लोग भारत आ गए। विभाजन के घाव सिंधी समाज पर ज़्यादा गहरे पड़े हैं। उन जख्मों को आज भी ताजा महसूस हो रहे है। हिंदुत्व और राष्ट्रवाद के नाम पर भाजपा-संघ परिवार इन कुरेदता रहा हैं, पर उसका क्या उपयोग हुआ? पिछले 11 साल से देश की विशाल सत्ता और सुरक्षा-प्रणाली संघ-परिवार के हाथ में हैं। फिर भी वे सिंध प्रांत या पाकिस्तान-व्याप्त कश्मीर की एक इंच भी जमीन भारत में वापस नहीं ला पाए। लेकिन अखंड भारत पर अखंड भाषण शुरू है।

Abu Salem High Court petition: अबू सलेम को हो सकती है 60 साल की जेल!
NAVI MUMBAI : ज्वेलर्स व्यापारी की हत्या के मामले में छह गिरफ्तार
‘प्रधान मंत्री गति शक्ति मल्टीमॉडल मेरीटाइम रिजनल समिट २०२२’ का उद्घाटन किया
बैंक के खाते से उड़ाए 16 हजार करोड़, पूर्व कर्मचारियों ने कर डाला फर्जी वाड़ा
Sexual offense: “आजा आजा” कहना पड़ गया महंगा, माना जायेगा लैंगिक अपराध
TAGGED:Maharashtra newsMumbai news Mumbai shivsenaRSS
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow

Weekly Newsletter

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!
Popular News
IMG 20250215 WA0007
आध्यात्मनवीमुंबईशिक्षासिटी

Krishna-Sudama: मित्रता हो कृष्ण-सुदामा जैसी: संत राजकृष्ण शास्त्री

Deepak dubey
Deepak dubey
February 15, 2025
BMC Election : महामुंबई में अब शुरू होगा चुनावी दंगल!
Newlywed PV Sindhu: शादी के बाद पीवी सिंधु की पहली झलक, अनारकली में दिखा गजब का लुक, देख लोग बोले वाह संस्कारी बहु ….
TATA POWER: मुंबईकरों को टाटा पावर से मिलेगा बिजली सप्लाई
Negligence towards health at Nair Hospital: नायर अस्पताल झेल रहा बुनियादी सुविधाओं की मार
- Advertisement -
Ad imageAd image
Global Coronavirus Cases

Confirmed

0

Death

0

More Information:Covid-19 Statistics

Categories

  • सिटी
  • राजनीति
  • क्राइम
  • देश-दुनिया
  • फिल्मी दुनिया
  • खेल
  • वेब स्टोरी

ब्रेकिंग न्यूज़, हिंदी समाचार - Joindia News

Joindia में आपका स्वागत है। यह आपका विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ पोर्टल है, जो देश-दुनिया की ताज़ा और सटीक ख़बरें आप तक पहुँचाता है। हम उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश समेत सभी प्रमुख राज्यों की लोकल हरकतों को खास अंदाज में कवर करते हैं। साथ ही, राशिफल, मनोरंजन और वायरल वीडियो से आपको हर पल जोड़े रखते हैं।

Subscribe US

Joindia की ताज़ा ख़बरें अब आपके मेल में भी! हमारे न्यूज़लेटर से जुड़ें और हर पल बने रहें अपडेट।

@2022-25 - joindia.co.in. All Right Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?