जो इंडिया / नवी मुंबई। (Uttar Bharatiya Sangathan,
Uttar)
उत्तर भारतीय संगठन (Uttar Bharatiya Sangathan) नवी मुंबई के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की एक महत्वपूर्ण और निर्णायक बैठक आज एपीएमसी मसाला मार्केट में संपन्न हुई। बैठक में संगठन की भविष्य की रणनीति, आगामी चुनावों में भूमिका और राजनीतिक दलों के प्रति रुख को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और कई अहम फैसले लिए गए।
बैठक में सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि नवी मुंबई में रहने वाले प्रत्येक प्रभाग के उत्तर भारतीय पदाधिकारियों एवं सदस्यों को स्पष्ट रूप से जागरूक किया जाएगा कि जहां भी उत्तर भारतीय समाज से जुड़े उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतरेंगे, वहां संगठन पूरी मजबूती के साथ उनके समर्थन में खड़ा रहेगा। ऐसे उम्मीदवारों के पक्ष में रैली, जनसभा, जनसंपर्क अभियान तथा मतदान के दिन हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
संगठन ने यह भी निर्णय लिया कि अब उन्हीं राजनीतिक दलों और नेताओं को प्राथमिकता और समर्थन दिया जाएगा, जो उत्तर भारतीय समाज के सुख-दुख में साथ खड़े रहते हैं, अन्याय के समय आवाज उठाते हैं और समाज को सम्मान देने की भावना रखते हैं। केवल चुनाव के समय वोट मांगने और बाद में समाज को नजरअंदाज करने वाली राजनीति को अब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में कड़ा और स्पष्ट संदेश देते हुए कहा गया कि जो लोग समय-समय पर बिना किसी ठोस कारण उत्तर भारतीय समाज को प्रताड़ित करते हैं, अपमानजनक या दबंगई की भाषा का प्रयोग करते हैं, ऐसे व्यक्तियों और दलों की किसी भी प्रकार से मदद संगठन का कोई भी सदस्य नहीं करेगा। संगठन ने यह भी तय किया कि जहां सम्मान नहीं मिलेगा, वहां से दूरी बनाए रखी जाएगी और ऐसी राजनीतिक पार्टियों से परहेज किया जाएगा।
बैठक के दौरान पदाधिकारियों ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि वर्तमान समय में उत्तर भारतीय समाज को राजनीतिक दलों द्वारा उचित महत्व नहीं दिया जा रहा है। चुनाव के दौरान उत्तर भारतीयों के वोट को निर्णायक माना जाता है, लेकिन जब टिकट वितरण की बात आती है, तो समाज को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया जाता है। संगठन ने इसे उत्तर भारतीय समाज के साथ अन्याय करार दिया।
इस अवसर पर संगठन के संस्थापक श्री रामस्वरूप दाहिया ने कहा कि अब समय आ गया है कि उत्तर भारतीय समाज अपने सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के लिए एकजुट होकर सोच-समझकर निर्णय ले। उन्होंने कहा कि समाज की एकता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है और इसी के बल पर भविष्य में सही दिशा तय की जा सकती है।
वहीं संगठन के कार्याध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर भारतीय संगठन, नवी मुंबई के सभी प्रभागों को मिलाकर करीब 1500 से अधिक सक्रिय सदस्य लगातार समाजहित में कार्य कर रहे हैं। संगठन आगे भी सामाजिक, राजनीतिक और जनहित के मुद्दों पर मजबूती से खड़ा रहेगा।
बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने एकजुटता बनाए रखने, संगठित होकर कार्य करने और आने वाले समय में उत्तर भारतीय समाज की आवाज को मजबूती से उठाने का संकल्प लिया। संगठन ने स्पष्ट किया कि अब सम्मान और अधिकार के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
Uttar Bharatiya Sangathan: उत्तर भारतीय संगठन की बड़ी बैठक में लिया गया सख्त राजनीतिक फैसला, सम्मान और हक की लड़ाई का किया ऐलान

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