बढ़ते एयर पॉल्यूशन और लगातार खराब होते AQI स्तरों के बीच मुंबई कांग्रेस ने शनिवार को अपना व्यापक पर्यावरण रोडमैप “मिशन — प्रदूषण मिटाओ” लॉन्च किया। पार्टी का कहना है कि मुंबई की जहरीली होती हवा “प्राकृतिक कारण नहीं बल्कि सरकारी उपेक्षा, कुप्रबंधन और नीतिगत असफलता” का परिणाम है।
कांग्रेस ने दावा किया कि यदि वह सत्ता में आती है तो “मुंबईवासियों के Right to Clean Air यानी साफ हवा में सांस लेने के अधिकार” को पहले दिन से लागू किया जाएगा। पार्टी ने 10 बड़े बिंदुओं वाला विस्तृत प्लान जारी किया है।
1. ‘Right to Clean Air’ को नगरपालिका की नीति में शामिल करने का प्रस्ताव
कांग्रेस ने घोषणा की कि स्वच्छ हवा को मुंबई का मूलभूत अधिकार घोषित किया जाएगा।
इसके साथ—
पूरे शहर में Air Quality Monitoring Infrastructure का विस्तार,
प्रदूषण हॉटस्पॉट्स में 24×7 मॉनिटरिंग,
और अगले पांच वर्षों में मुंबई का AQI 40–60 के सुरक्षित स्तर तक लाने का लक्ष्य शामिल है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि हवा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना “बीएमसी की प्राथमिक जिम्मेदारी” बनाया जाएगा।
2. वार्ड-लेवल रीयल-टाइम AQI मॉनिटरिंग सिस्टम
योजना के अनुसार—
हर वार्ड, हर प्रमुख चौराहा, बस–रेलवे–मेट्रो स्टेशन पर बड़े डिजिटल AQI डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे।
AQI का घंटे-घंटे अपडेट मोबाइल ऐप और ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध होगा।
बंद पड़े सेंसर 24 घंटे में दुरुस्त करना अनिवार्य होगा।
प्रत्येक वार्ड के लिए प्रदूषण स्रोत का सार्वजनिक डेटा और वार्ड-लेवल एक्शन प्लान तैयार होगा।
3. निर्माण गतिविधियों से प्रदूषण पर सख्त नियंत्रण
कांग्रेस ने कहा कि मुंबई में अधिकतम धूल प्रदूषण “कंस्ट्रक्शन सेक्टर” से उत्पन्न होता है। इसके समाधान के लिए—
निर्माण स्थलों पर फॉगिंग गन, ग्रीन नेट्स, व्हील-वॉश सिस्टम और एंटी-डस्ट प्रोटोकॉल अनिवार्य होंगे।
नियम तोड़ने वाले बिल्डर्स पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई होगी।
“Name & Shame Policy” के तहत नियम तोड़ने वालों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे।
बिना ढके मलबा ले जाने वाले ट्रकों पर पूर्ण रोक होगी।
Polluters’ Pay Policy लागू कर प्रदूषण का आर्थिक दंड वसूला जाएगा।
4. औद्योगिक प्रदूषण पर ‘Zero Black-Smoke Mumbai’ अभियान
औद्योगिक क्षेत्रों और छोटे–बड़े धुआँ उत्सर्जक संयंत्रों पर—
तुरंत कार्रवाई,
हर छह महीने का अनिवार्य उत्सर्जन ऑडिट,
होटल–रेस्तराँ में कोयला/लकड़ी की जगह LPG या इलेक्ट्रिक सिस्टम को बढ़ावा,
अंतिम संस्कार स्थलों पर धुआँ नियंत्रण यूनिट और
मुंबई में 100% जगह इलेक्ट्रिक शवदाह गृह विकल्प लागू करने का प्रस्ताव है।
5. वाहनों से होने वाले प्रदूषण के खिलाफ सख्त कदम
ट्रैफिक से जुड़े प्रदूषण पर—
Comprehensive Traffic Reform Policy,
बिना PUC वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई,
ऑटोमैटिक सेंसर द्वारा PUC मॉनिटरिंग,
BEST की इलेक्ट्रिक बसों में जबरदस्त बढ़ोतरी,
सभी डीज़ल बसों में एयर-फिल्टर अनिवार्य,
और खड्डेमुक्त सड़कों के लिए त्वरित नीति लागू करने का दावा किया गया।
6. गंभीर AQI पर GRAP से भी कड़े नियम लागू
दिल्ली की तर्ज़ पर मुंबई में भी “आपातकालीन प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली” बनाई जाएगी।
AQI बढ़ने पर—
AQI 200–300 → रात्री निर्माण प्रतिबंध,
AQI 300–400 → गैर-जरूरी निर्माण रोकना और यातायात सीमित करना,
AQI 400+ → सभी धूल जनित गतिविधियों को तुरंत बंद करने का प्रावधान।
7. नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा
संवेदनशील समूह—बच्चे, बुजुर्ग, मरीज और मजदूर—को ध्यान में रखते हुए—
स्कूलों में एयर प्यूरीफायर अनिवार्य,
AQI 200 से ऊपर बनते ही मैदानी खेल बंद,
मजदूरों को N95 मास्क,
और नियमित स्वास्थ्य चेतावनी सिस्टम लागू किया जाएगा।
8. शहरभर में हरित क्षेत्र का विस्तार — ‘Green Mumbai 2030’
कांग्रेस ने 5 वर्षों में 10 लाख पेड़ लगाने और—
बड़े निर्माण क्षेत्रों के आसपास वृक्षारोपण,
मैंग्रोव और आरे जंगल की पूरी सुरक्षा,
फ्लाईओवर व मेट्रो पिलर्स पर वर्टिकल गार्डन,
समुद्री किनारों पर हरियाली बढ़ाने—जैसे कदमों की घोषणा की है।
9. पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नई संस्थाएं
‘Mumbai Clean Air War Room’ और Air Quality Management Department स्थापित किया जाएगा।
इसके साथ—
24×7 निगरानी,
संयुक्त निरीक्षण दल,
वार्ड अधिकारियों पर सीधी जवाबदेही,
और NGOs व नागरिक समूहों के साथ मासिक समीक्षा अनिवार्य होगी।
10. दीर्घकालीन समाधान और नई नियोजन नीति
हर infrastructural project के लिए—
AQI Impact Assessment,
हरित गलियारे,
बड़े प्रोजेक्ट्स के आसपास ग्रीन बफर ज़ोन,
और प्रदूषण बढ़ते ही स्वचालित रूप से GRAP जैसी कड़ी कार्रवाई लागू करने की योजना है।



