जो इंडिया/मुंबई। (Maharashtra Factory Act Amendment)
महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने उद्योग और रोजगार क्षेत्र से जुड़े एक बड़े फैसले की घोषणा की है। राज्य कैबिनेट ने फैक्ट्री एक्ट और एस्टेब्लिशमेंट एक्ट में अहम संशोधन करते हुए कारखानों और दुकानों के कामकाजी घंटों को बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद अब कारखानों में कर्मचारियों को पहले की तुलना में ज्यादा समय तक काम करना होगा।
नए संशोधन के अनुसार, फैक्ट्रियों में कार्य समय 9 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे कर दिया गया है, जबकि दुकानों और प्रतिष्ठानों में 9 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे कर दिए गए हैं। कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई और इसे जल्द ही लागू करने की तैयारी है।
सरकार का तर्क है कि यह बदलाव निवेशकों को आकर्षित करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में मददगार साबित होगा। कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और त्रिपुरा जैसे राज्य पहले ही इस तरह के बदलाव कर चुके हैं। महाराष्ट्र सरकार का मानना है कि इस कदम से उद्योगों में मांग के अनुसार श्रमिकों की कमी होने पर भी उत्पादन बाधित नहीं होगा और उद्योगों को मजबूती मिलेगी।
फैसले के साथ ही ओवरटाइम के प्रावधानों को भी बदला गया है। अब श्रमिकों को कानूनी तौर पर अतिरिक्त आय प्राप्त होगी और बिना मुआवजा दिए अतिरिक्त समय तक काम कराने की प्रथा पर अंकुश लगेगा। ओवरटाइम की अवधि में काम करने वाले श्रमिकों को मजदूरी की दर से दोगुना भुगतान मिलेगा।
कानून में संशोधन के तहत, फैक्ट्री एक्ट 1948 की धारा 65 में बदलाव किया गया है, जिसके बाद दैनिक कार्य समय बढ़ाया गया। वहीं, महाराष्ट्र दुकानें और प्रतिष्ठान (रोजगार और सेवा की शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 2017 में संशोधन कर इसे 20 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों पर लागू किया गया है।
सरकार का दावा है कि इस कदम से रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा होगी। हालांकि, श्रमिक संघों की ओर से इस फैसले को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ संगठन इसे मजदूरों पर बोझ बढ़ाने वाला फैसला बता रहे हैं, जबकि सरकार का कहना है कि ओवरटाइम का प्रावधान श्रमिकों को आर्थिक रूप से मजबूत करेगा।
