जो इंडिया / नई दिल्ली। डिजिटल इंडिया (Digital India
सूत्रों के अनुसार, इस बार यात्रियों के नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, यात्रा विवरण और कभी-कभी बैंक डिटेल तक लीक हुई हैं। विशेषज्ञों का दावा है कि इस डाटा का इस्तेमाल फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक और डिजिटल धोखाधड़ी के लिए किया जा सकता है।
केंद्र सरकार की एजेंसी CERT-In ने हमले की पुष्टि की है और मामले की जांच शुरू हो चुकी है। IRCTC ने बयान जारी करते हुए कहा कि यात्रियों के वित्तीय लेनदेन से जुड़ा कोई भी डेटा चोरी नहीं हुआ है, लेकिन साइबर विशेषज्ञों ने इसे गंभीर चूक बताया है।
यह घटना ऐसे समय में आई है जब हाल ही में 7,000 करोड़ की डिजिटल ठगी और ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ घोटाले ने देश को हिला दिया था। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या डिजिटल इंडिया की तेज़ रफ्तार के साथ सरकार साइबर सुरक्षा पर उतना ही ध्यान दे रही है?
