जो इंडिया / नवी मुंबई : सीवुड्स क्षेत्र (Navi Mumbai Flamingo) में प्रवासी पक्षियों, विशेष रूप से फ्लेमिंगो (flamingo) का प्रमुख आश्रय स्थल माने जाने वाले एक संवेदनशील क्षेत्र में बिल्डर द्वारा बुलडोजर ( builder run bulldozer) चलाए जाने से पर्यावरणीय संकट गहरा गया है। डीपीएस स्कूल के पास स्थित एक विशाल झील के किनारे 5785 वर्ग मीटर भूखंड पर पेड़ों की कटाई और निर्माण कार्य शुरू कर दिए गए हैं, जिससे पक्षियों के प्राकृतिक आवास को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
नवी मुंबई के सीवूड क्षेत्र मैंग्रोव और आर्द्रभूमि जैसे नाजुक पर्यावरण तंत्र से जुड़ा है। वन विभाग ने इस पूरे इलाके को ‘संरक्षण रिजर्व’ घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की थी। भारतीय वन्यजीव संस्थान और बीएनएचएस की रिपोर्टों में भी झील को संरक्षित रखने की सिफारिश की गई है।
सिडको ने हाल ही में यह भूखंड 177 करोड़ रुपए में एक बिल्डर को पट्टे पर दिया है। हालांकि नई मुंबई महानगरपालिका की अंतिम विकास योजना को राज्य सरकार से अब तक स्वीकृति नहीं मिली है। इससे पहले की योजना में इस क्षेत्र को आर्द्रभूमि के रूप में आरक्षित किया गया था, लेकिन बाद में उसे आवासीय उपयोग के लिए खोल दिया गया। जिससे यह निर्णय अब विवादों के घेरे में आ गया है। इस घटनाक्रम के बाद वन विभाग ने मनपा और ठाणे जिला प्रशासन को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
नवी मुंबई के पर्यावरणविदों की मांग है कि:
निर्माण कार्य तुरंत रोका जाए।
भूखंड की बिक्री की जांच हो।
सीवुड्स झील को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया जाए।
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