Joindia
दिल्ली

Famous Doordarshan anchor passes away: दूरदर्शन की दिग्गज एंकर सरला माहेश्वरी का निधन: एक युग का अंत

IMG 20260212 WA0040

जो इंडिया / मुंबई: (Famous Doordarshan anchor passes away)

Advertisement

दूरदर्शन की वरिष्ठ और मशहूर समाचार एंकर सरला माहेश्वरी  (News anchor Sarla Maheshwari) का 12 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में निधन हो गया। वे 71 वर्ष की थीं और भारत के टेलीविजन पत्रकारिता के स्वर्णिम दौर का एक प्रतिष्ठित चेहरा थीं। उनके निधन की खबर आने के साथ ही मीडिया जगत, दर्शकों और उनके पूर्व सहकर्मियों में गहरा शोक फैल गया है।

दूरदर्शन की श्रद्धांजलि और प्रतिक्रियाएँ
दूरदर्शन ने अपनी आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट पर सरला माहेश्वरी को “सम्मानित और प्रतिष्ठित समाचार वाचिका” बताते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। बयान में कहा गया कि उनकी सौम्य आवाज़, सटीक उच्चारण और गरिमामय प्रस्तुति ने दर्शकों के दिलों में गहरा विश्वास स्थापित किया।

उनके पूर्व सहकर्मी और जानी-मानी एंकर शम्मी नारंग ने भी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने सरला माहेश्वरी को गरिमा, भाषा-ज्ञान और सौजन्य का प्रतीक बताया।
सोशल मीडिया पर भी उनके प्रशंसकों ने पुरानी यादों को साझा करते हुए उन्हें दूरदर्शन के सुनहरे दौर का अहम हिस्सा बताया।

जीवन और करियर — एक प्रतिष्ठित यात्रा
सरला माहेश्वरी ने 1976 में दूरदर्शन के साथ अपना करियर शुरू किया। शुरुआत उन्होंने समाचार प्रसारण में विज्ञापन/एनाउंसर के रूप में की थी, और बाद में न्यूज़ एंकरिंग की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।
वे दूरदर्शन के समाचार बुलेटिन में 1976 से लगभग 2005 तक योगदान देती रहीं, एक ऐसे समय में जब दूरदर्शन भारत में समाचार का मुख्य स्रोत था। उन्होंने काला-सफेद से लेकर रंगीन प्रसारण तक के परिवर्तित दौर को प्रत्यक्ष रूप से देखा और निभाया।
उनकी शांत, संतुलित प्रस्तुति और विश्वसनीय आवाज़ ने लाखों घरों में उन्हें एक भरोसेमंद चेहरा बनाया, खासकर 1980 और 1990 के दशक में।

अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि
परिवार की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार उनका अंतिम संस्कार आज शाम 4 बजे दिल्ली के निगमबोध घाट पर किया गया। इस मौके पर उनके परिवार, साथी पत्रकार और प्रशंसक उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किए।

उनका प्रभाव और विरासत
सरला माहेश्वरी को एक विश्वसनीय, शालीन और गंभीर न्यूज़ एंकर के रूप में याद किया जाएगा। उनके जाने को दूरदर्शन के स्वर्णिम युग का अंत कहा जा रहा है, जब टीवी पर खबरें स्पष्टता, गरिमा और भरोसे के साथ दी जाती थीं।
उनकी आवाज़ और शैली आज भी उन लोगों की यादों में जीवित हैं जिन्होंने 80 और 90 के दशक में दूरदर्शन के समाचार ही देखा और सुना है।

Related posts

महाराष्ट्र में कैश की बड़ी रिकवरी: लोनावाला में कार से बरामद हुए 4 करोड़ रुपए, ड्राइवर नोटों पर पैर रख चला रहा था कार

cradmin

Amit Shah meeting on Delhi blast: दिल्ली धमाके पर गृहमंत्री अमित शाह की हाईलेवल बैठक आज सुबह 11 बजे कर्तव्य भवन में

Deepak dubey

शिर्डी का सफर हुआ आसान

Deepak dubey

Leave a Comment