मुंबई के गोवंडी क्षेत्र में बढ़ती नागरिक समस्याओं और बीएमसी प्रशासन की कथित उदासीनता के खिलाफ वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) मुंबई प्रदेश कमिटी 12 दिसंबर 2025 को जनआक्रोश मोर्चा और धरना प्रदर्शन आयोजित करने जा रही है। यह मोर्चा गोवंडी के लुंबिनी बाग से शुरू होकर एम-ईस्ट वॉर्ड कार्यालय तक निकाला जाएगा। शुरुआत सुबह 11 बजे होगी।
वंचित बहुजन आघाड़ी (Vanchit Bahujan Aghadi) का कहना है कि एम-पूर्व विभाग में मूलभूत सुविधाओं की कमी, पुनर्वसन में देरी, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, पानी की समस्या, अतिक्रमण, शौचालयों की खराब स्थिति और बढ़ते प्रदूषण को लेकर नागरिक लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन बीएमसी प्रशासन द्वारा इन मुद्दों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
मोर्चे में नागरिकों ने कुल 9 प्रमुख मांगें रखी हैं—
1. भारत नगर दुर्घटना के 123 परिवारों को स्थायी घर
2021 में दरड गिरने से 19 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद 123 परिवारों को अस्थायी रूप से अन्य इमारतों में रखा गया था। नागरिकों का आरोप है कि आज तक उन्हें स्थायी पुनर्वसन नहीं मिला, बल्कि कई जगह पानी-बिजली भी काट दी गई। इन परिवारों को तुरंत स्थायी घर देने की मांग की गई है।
2. सह्याद्री नगर–भारत नगर में पानी की किल्लत खत्म करने की मांग
डोंगरवस्ती में पानी बेहद कम दबाव से आता है। नागरिकों ने अतिरिक्त दाब से पानी छोड़ने और क्षेत्र के लिए नई पानी की टंकी का सर्वे शुरू करने की मांग की है।
3. शताब्दी अस्पताल का निजीकरण रद्द किया जाए
एम-पूर्व क्षेत्र में बड़ा बीएमसी अस्पताल न होने से गरीब मरीजों को भारी कठिनाइयाँ हो रही हैं।
वबीए ने शताब्दी अस्पताल को निजी हाथों में देने के प्रस्ताव को रद्द करने और इसे बीएमसी द्वारा ही सार्वजनिक अस्पताल के रूप में चलाने की मांग की है।
4. पांजरापोळ टनल और डोंगर उतार की 1400 झोपड़ियों का स्थानीय पुनर्वसन
नागरिकों ने मांग की है कि इन झोपड़ियों को कहीं और शिफ्ट न किया जाए, बल्कि आसपास मौजूद बीएमसी की भूमि पर स्थानीय पुनर्वसन दिया जाए।
5. वाशी नाका (आरसी मार्ग) पर गुंडा तत्वों के अतिक्रमण पर कार्रवाई
फुटपाथ पर अवैध कब्जे हटाने और वहां रेलिंग लगाने की मांग की गई है।
6. जय भवानी मार्ग–अयोध्या नगर में दुकानदारों का अतिक्रमण हटाया जाए
सड़क पर फैलाए गए अतिक्रमण से ट्रैफिक जाम होता है। नागरिकों ने इसे हटाकर स्थायी रेलिंग लगाने की मांग की है।
7. पांजरापोळ, भारत नगर और अन्य क्षेत्रों के शौचालयों की मरम्मत
चार प्रमुख बस्तियों के शौचालय जर्जर हालत में हैं। इनकी सफाई, मरम्मत और सुविधाओं में सुधार की मांग की गई है।
8. निर्माण कार्यों से बढ़ रहे प्रदूषण पर तत्काल रोक
बड़ी निर्माण साइटों से बढ़ते धूल-प्रदूषण को लेकर तत्काल कार्रवाई और स्थल निरीक्षण की मांग की गई है।
9. नालों की सफाई और गाद की त्वरित निकासी
समय पर नाले साफ न होने से डेंगू-मलेरिया का खतरा बढ़ता जा रहा है। नागरिकों ने नालों की नियमित सफाई और गाद हटाने की मांग की है।
