ज्योति दुबे /मुंबई जोइंडिया टीम: Maharashtra School News: विद्यार्थियों को दिए जाने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए महाराष्ट्र के शिक्षा विभाग ने निगरानी व्यवस्था कड़ी कर दी है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे की चेतावनी के बाद विभाग ने स्कूलों में पोषण आहार से संबंधित नई नियमावली तैयार की है। इसके तहत विद्यार्थियों को भोजन परोसने से पहले अभिभावकों से उसका स्वाद परीक्षण कराया जाएगा। साथ ही, भोजन तैयार करने वाले रसोइयों और सहायकों के लिए एप्रन और टोपी पहनना अनिवार्य किया गया है।
- अभिभावक करेंगे पोषण आहार की गुणवत्ता की जांच: Maharashtra School News
- रसोइयों के लिए एप्रन और टोपी अनिवार्य: Maharashtra School News
- स्कूलों में अचानक निरीक्षण करेंगे उड़न दस्ते
- विद्यार्थियों को जमीन पर बैठाकर नहीं परोसा जाएगा भोजन
- चावल और खाद्यान्न की गुणवत्ता की होगी जांच
- एमडीएम पोर्टल पर दर्ज होगा विद्यार्थियों का रिकॉर्ड
- क्या है प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना?
अभिभावक करेंगे पोषण आहार की गुणवत्ता की जांच: Maharashtra School News
नई नियमावली के अनुसार, विद्यार्थियों को भोजन परोसने से पहले प्रतिदिन अभिभावकों को बुलाकर भोजन का स्वाद परीक्षण कराया जाएगा। भोजन की गुणवत्ता के संबंध में अभिभावकों की प्रतिक्रिया भी रजिस्टर में दर्ज करनी होगी। इससे किसी भी शिकायत की स्थिति में संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी।
रसोइयों के लिए एप्रन और टोपी अनिवार्य: Maharashtra School News
स्कूल की रसोई में भोजन तैयार करने वाले रसोइयों और सहायकों के लिए एप्रन और टोपी पहनना अनिवार्य होगा। भोजन तैयार करने से पहले हाथ धोना भी आवश्यक किया गया है। इसके अलावा, रसोईघर, खाना पकाने के बर्तनों और पीने के पानी की टंकियों की नियमित साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।
स्कूलों में अचानक निरीक्षण करेंगे उड़न दस्ते
नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए उड़न दस्तों को स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। ये दल भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ रसोईघर, बर्तनों, पीने के पानी और समग्र स्वच्छता व्यवस्था की भी जांच करेंगे।
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विद्यार्थियों को जमीन पर बैठाकर नहीं परोसा जाएगा भोजन
नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को मिट्टी या खुले मैदान में बैठाकर भोजन कराने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। बच्चों को बरामदे या किसी अन्य साफ-सुथरे स्थान पर बैठाकर भोजन परोसना होगा। इसके साथ ही, पीने के पानी की टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करना भी आवश्यक होगा।Maharashtra School News
चावल और खाद्यान्न की गुणवत्ता की होगी जांच
स्कूलों को सप्लायर से प्राप्त चावल और अन्य खाद्यान्न की गुणवत्ता की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। भोजन तैयार करने की पूरी प्रक्रिया के दौरान किसी भी स्तर पर गुणवत्ता से समझौता नहीं करने को कहा गया है।Maharashtra School News
एमडीएम पोर्टल पर दर्ज होगा विद्यार्थियों का रिकॉर्ड
पोषण आहार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का पंजीकरण एमडीएम पोर्टल पर करना अनिवार्य होगा। इससे योजना के अंतर्गत भोजन प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का रिकॉर्ड व्यवस्थित और पारदर्शी तरीके से रखा जा सकेगा।

क्या है प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना?
प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत राज्य के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। पहली से पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रतिदिन 450 कैलोरी और 12 ग्राम प्रोटीन, जबकि छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को 700 कैलोरी और 20 ग्राम प्रोटीन वाला भोजन देने का प्रावधान है।
इस योजना के लिए केंद्र सरकार के भारतीय खाद्य निगम (FCI) से रियायती दरों पर चावल उपलब्ध कराया जाता है। स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता से संबंधित शिकायतों और घटनाओं के बाद शिक्षा विभाग ने निगरानी, स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है।
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