पश्चिम रेलवे (Western Railway) के मुंबई सेंट्रल डिवीजन द्वारा कांदिवली–बोरीवली के बीच छठी रेलवे लाइन
रेलवे इसे विकास की जरूरत बता रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि अगले एक महीने तक यात्रियों को ट्रेन रद्द होने, बीच रास्ते उतार दिए जाने, घंटों की देरी और भीषण भीड़ का सामना करना पड़ेगा।
ट्रेनों पर सीधा वार, यात्री बेहाल
एनआई ब्लॉक का सबसे बड़ा असर लंबी दूरी की ट्रेनों पर पड़ा है। कई ट्रेनों को या तो बीच रास्ते ही खत्म किया जा रहा है या उनके शुरुआती स्टेशन बदल दिए गए हैं।
- ट्रेन नंबर 19418 अहमदाबाद–बोरीवली एक्सप्रेस 19 से 28 दिसंबर 2025 तक सिर्फ वसई रोड तक ही चलेगी, वसई रोड–बोरीवली खंड पूरी तरह रद्द रहेगा।
- वहीं 19417 बोरीवली–अहमदाबाद एक्सप्रेस 21 से 30 दिसंबर 2025 के बीच बोरीवली की बजाय वसई रोड से रवाना होगी।
सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में और भी मेल, एक्सप्रेस व लोकल ट्रेनों के रद्द या शॉर्ट-टर्मिनेट होने की आशंका है।
समय सारिणी ध्वस्त, यात्रियों का शेड्यूल बिगड़ा
ब्लॉक ने रेलवे की समय सारिणी को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है।
- वंदे भारत एक्सप्रेस (20901) 28 दिसंबर को एक घंटे देरी से चलेगी।
- गुजरात मेल (12902) 27 दिसंबर को एक घंटे और जनवरी 2026 में 30–45 मिनट देरी से चलेगी।
- गुजरात सुपरफास्ट एक्सप्रेस (22953) 28 दिसंबर को 1 घंटा 35 मिनट लेट होगी।
कामकाजी यात्रियों, मरीजों और छात्रों के लिए यह देरी किसी सजा से कम नहीं।
बोरीवली स्टॉपेज गायब, यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ
27 दिसंबर 2025 को लोकशक्ति एक्सप्रेस (22928) और सौराष्ट्र मेल (22946) जैसी अहम ट्रेनों का बोरीवली स्टेशन पर ठहराव ही खत्म कर दिया गया है। अब यात्रियों को वसई रोड या अंधेरी में उतरकर आगे की यात्रा करनी होगी, जिससे 45 से 50 मिनट का अतिरिक्त समय और मानसिक तनाव झेलना पड़ेगा।
आज यातना, कल राहत का वादा
रेलवे प्रशासन का दावा है कि यह एनआई ब्लॉक (Railway Mega Block) अस्थायी है और छठी लाइन शुरू होने के बाद लोकल और लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए अलग-अलग ट्रैक उपलब्ध होंगे। इससे भविष्य में ट्रेनें समय पर चलेंगी और भीड़ कम होगी। लेकिन सवाल यह है कि
1. क्या हर बार विकास की कीमत यात्री ही चुकाएंगे?
2. क्या बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए ब्लॉक लेना जायज़ है?
फिलहाल रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे सफर से पहले पश्चिम रेलवे की वेबसाइट या स्टेशन मास्टर से जानकारी लेकर ही यात्रा करें, ताकि आखिरी समय में फजीहत से बचा जा सके।
विकास जरूरी है, लेकिन क्या यात्री सुविधाएं उतनी ही जरूरी नहीं?
कांदिवली–बोरीवली रेल ब्लॉक ने एक बार फिर इस सवाल को पटरी पर ला खड़ा किया है।



