देश के रियल एस्टेट सेक्टर के लिए बेहद अहम माने जाने वाले क्रेडाई नेशनल कॉन्क्लेव की शुरुआत नीतिगत संवाद और रणनीतिक साझेदारियों के साथ भव्य रूप से हुई। उद्घाटन सत्र की शोभा भारत सरकार के गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने बढ़ाई। इस अवसर पर कई केंद्रीय मंत्री, विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री तथा केंद्र व राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर गृह मंत्री अमित शाह ने क्रेडाई की ‘पारिस्थितिक वनीकरण एवं बहाली (Ecological Restoration)’ पहल का शुभारंभ किया। इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत महाराष्ट्र के नासिक जिले में पश्चिमी घाट की सह्याद्रि पहाड़ियों में स्थित 25 से अधिक गांवों की लगभग 9,000 एकड़ भूमि को पुनः हरित और जीवन्त बनाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य पर्यावरण संतुलन बहाल करने के साथ-साथ स्थानीय समुदायों को भी लाभ पहुंचाना है।
अपने संबोधन में अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर भारत के शहरी कायाकल्प और आर्थिक उन्नति का एक प्रमुख स्तंभ है। उन्होंने कहा कि बीते दस वर्षों में केंद्र सरकार ने स्पष्ट नीतियों, नियामक सुधारों और दीर्घकालिक दृष्टि के साथ शहरी विकास को मजबूती दी है, जो प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है।
उन्होंने क्रेडाई की सराहना करते हुए कहा कि संगठन ने जिम्मेदार और संतुलित विकास की दिशा में नेतृत्वकारी भूमिका निभाई है। विशेष रूप से 9,000 एकड़ की इकोलॉजिकल रिस्टोरेशन पहल को उन्होंने समय की जरूरत बताते हुए काबिले-तारीफ करार दिया। अमित शाह ने कहा कि जब भारत विश्व-स्तरीय और समावेशी शहरों की ओर बढ़ रहा है, तब डेवलपर्स की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे हर परियोजना में पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास, कौशल निर्माण और सस्ते आवास को प्राथमिकता दें।
Live from CREDAI National Conclave Viksit Bharat @2047 in New Delhi. https://t.co/iE3ZF9fpJZ
— Amit Shah (@AmitShah) December 19, 2025
क्रेडाई नेशनल कॉन्क्लेव के भव्य उद्घाटन समारोह में देशभर से आए वरिष्ठ नीति निर्माता, राज्यों के प्रतिनिधि और रियल एस्टेट जगत की प्रमुख हस्तियां एक मंच पर नजर आईं। सम्मेलन के दौरान भारत की शहरी प्रगति, बुनियादी ढांचे के विस्तार और आर्थिक विकास में रियल एस्टेट सेक्टर की बदलती भूमिका पर गहन मंथन किया गया। इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि समावेशी और टिकाऊ शहरों के निर्माण में रियल एस्टेट की भूमिका निर्णायक है।
इस मौके पर भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी क्रेडाई की सामाजिक और पर्यावरणीय पहलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर सिर्फ आवास या कार्यालय भवनों तक सीमित नहीं है, बल्कि लॉजिस्टिक्स पार्क, शहरी नवीनीकरण और बुनियादी ढांचे के माध्यम से रोजगार सृजन और बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को पाने के लिए विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ लेकर चलना अनिवार्य है।
क्रेडाई के नेशनल प्रेसिडेंट शेखर पटेल ने कहा कि क्रेडाई नेशनल कॉन्क्लेव सरकार और उद्योग जगत के बीच नीतियों को धरातल पर उतारने का एक सशक्त मंच है। उन्होंने बताया कि गोवा-आईडीसी और आईआईएचएस के साथ किए गए रणनीतिक समझौते इस बात का प्रमाण हैं कि क्रेडाई केवल संवाद तक सीमित नहीं, बल्कि ठोस और परिणामोन्मुखी कार्य कर रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि संगठन का उद्देश्य तेज नहीं, बल्कि स्मार्ट, समावेशी और पर्यावरण-अनुकूल विकास को बढ़ावा देना है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि सहयोगी नीतिगत माहौल और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ पर जोर देकर ही बड़े संस्थानों और निवेश को आकर्षित किया जा सकता है। उन्होंने सभी डेवलपर्स और निवेशकों को आंध्र प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार पारदर्शी प्रणाली, बेहतर नीतियां और मजबूत आधारभूत ढांचा उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
सम्मेलन के पहले दिन का फोकस आवास, नवाचार और सहयोगी शासन के माध्यम से भारत के शहरी कायाकल्प को गति देने पर रहा। गुजरात, मध्य प्रदेश, हरियाणा और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों ने अपने-अपने राज्यों में किए गए प्रशासनिक सुधारों और विकास प्राथमिकताओं को साझा किया। वहीं, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने क्रेडाई नेतृत्व के साथ नीतियों के सरलीकरण और भविष्य के शहरों के निर्माण पर विस्तार से चर्चा की।




