जो इंडिया /मुंबई: तमिलनाडु के रामनाथपुर जिले में (Pamban Bridge) स्थित रामेश्वरम द्वीप को मुख्यभूमि से जोड़ने वाला देश का पहला वर्टिकल-लिफ्ट सी ब्रिज (first verticle lift sea bridge) नया पंबन ब्रिज (Pamban Bridge inaugration 2025) अब पूरी तरह से तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ब्रिज का उद्घाटन किया और इसके साथ ही रामेश्वरम-तांबरम एक्सप्रेस (rameshvaram tambaram express)को हरी झंडी दिखाई।
इस नए ब्रिज (Pamban Bridge) के शुरू होने से अब पुराने 14 जोड़ी ट्रेनों को पुनः रामेश्वरम स्टेशन तक चलाने की अनुमति दे दी गई है। इससे पहले ये ट्रेनें केवल मंडपम स्टेशन तक ही सीमित थीं।

पम्बन पुल बनाने में कितना खर्च हुआ?
2.08 किमी लंबे इस ब्रिज को लगभग 700 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसमें 100 स्पैन हैं, जिनमें से एक 72.5 मीटर लंबा है, जिसे जहाजों के लिए 17 मीटर तक ऊपर उठाया जा सकता है। यह पुल पुराने पंबन ब्रिज के समानांतर बनाया गया है, जिसे 1914 में ब्रिटिश काल में शुरू किया गया था और दिसंबर 2022 में बंद कर दिया गया।
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत रामेश्वरम स्टेशन का पुनर्विकास भी तेजी से हो रहा है। नए ब्रिज से न केवल तीर्थयात्रियों की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि यह पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस ब्रिज की आयु बिना रखरखाव के 38 वर्ष और न्यूनतम रखरखाव के साथ 58 वर्ष तक हो सकती है। अब रामेश्वरम को अयोध्या, बनारस, भुवनेश्वर, चेन्नई और अन्य प्रमुख शहरों से सीधा रेल संपर्क मिल गया है, जिससे यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
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