जो इंडिया /
देश की रक्षा में तैनात एक जवान की जिंदगी उस वक्त असमय थम गई, जब वह अपने जीवन के सबसे खुशहाल पल का इंतजार कर रहा था। सातारा तालुका के परली विभाग अंतर्गत दरे (पोस्ट आरे) गांव के निवासी और भारतीय सेना में कार्यरत जवान प्रमोद जाधव का सातारा के भिक्षेकरी गृह परिसर में हुए एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में निधन हो गया। यह हादसा उस समय हुआ, जब वह अपनी पत्नी की डिलीवरी के लिए कुछ ही दिन पहले छुट्टी लेकर गांव आए थे।
जवान प्रमोद जाधव की पत्नी जल्द ही मां बनने वाली थी, इसी कारण पूरे परिवार में खुशी का माहौल था। आठ दिन पहले ही वह छुट्टी पर घर पहुंचे थे ताकि पत्नी के प्रसव के समय परिवार के साथ रह सकें। घर में नन्हे मेहमान के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन किसे पता था कि खुशियों की यह प्रतीक्षा कुछ ही पलों में मातम में बदल जाएगी।
दुर्घटना के बाद प्रमोद जाधव को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस हृदयविदारक घटना के कुछ ही घंटों बाद उनकी पत्नी ने एक कन्या को जन्म दिया। नियति की विडंबना देखिए कि जिस बेटी के आने की खुशी में जवान छुट्टी पर घर आया था, उसी बेटी का चेहरा देखने से पहले ही वह दुनिया छोड़ गया।
पिता की छत्रछाया के बिना जन्मी उस नवजात बच्ची और उसकी मां पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जवान प्रमोद जाधव अपने पीछे पत्नी, नवजात बेटी और वृद्ध पिता को छोड़ गए हैं। उनके असमय निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे गांव और आसपास के इलाके में शोक की लहर फैल गई है।
गांववासियों ने बताया कि प्रमोद जाधव बेहद सरल स्वभाव के और कर्तव्यनिष्ठ जवान थे। देशसेवा को उन्होंने अपना जीवन समर्पित कर दिया था। उनकी शहादत जैसी इस आकस्मिक मृत्यु ने हर आंख नम कर दी है। गांव में हर ओर सन्नाटा है और लोग ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि वह इस दुख की घड़ी में परिवार को संबल प्रदान करे।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि देश की सेवा करने वाले जवान न केवल सीमाओं पर बल्कि जीवन के हर मोड़ पर संघर्ष करते हैं। प्रमोद जाधव का यह बलिदान गांव और देश के लिए सदैव स्मरणीय रहेगा।
Soldier died before seeing daughter: बेटी का चेहरा देखे बिना ही बुझ गया देशसेवा का दीप, छुट्टी पर आए जवान की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत
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