जो इंडिया / मुंबई: (Mumbai stray dogs crisis)
मुंबई में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या अब सिर्फ एक सामान्य समस्या नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा बड़ा संकट बनती जा रही है। शहर की सड़कों, गलियों और रिहायशी इलाकों में तेजी से बढ़ रहे आवारा कुत्तों के झुंड ने आम नागरिकों में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। बच्चों, बुजुर्गों और सुबह-शाम टहलने वालों के लिए यह खतरा और भी गंभीर होता जा रहा है।
पालिका के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मुंबई में इस समय करीब 95 हजार आवारा कुत्ते मौजूद हैं। बीते कुछ वर्षों में कुत्तों के काटने की घटनाओं में लगातार इजाफा हुआ है, जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ रहा है। वर्ष 2024 में ही 1,28,252 लोगों को कुत्तों ने काटा, जो इस समस्या की भयावहता को दर्शाता है।
बीएमसी का बड़ा अभियान: नसबंदी और टीकाकरण पर फोकस
इस संकट से निपटने के लिए बीएमसी ने अपने प्रयास तेज कर दिए हैं। जनवरी 2025 से जनवरी 2026 के बीच 25,980 आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। इसके साथ ही ‘एबीसी (Animal Birth Control) कार्यक्रम’ के तहत कुत्तों का टीकाकरण भी किया जा रहा है, ताकि रेबीज जैसी खतरनाक बीमारी को रोका जा सके।
देवनार स्थित पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार, शहर में वर्तमान में नसबंदी दर लगभग 62.9% तक पहुंच चुकी है, जिसे जल्द ही और बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
बिल्लियों की बढ़ती संख्या भी चिंता का कारण
सिर्फ कुत्ते ही नहीं, मुंबई में आवारा बिल्लियों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। पिछले एक साल में 11,725 बिल्लियों की नसबंदी की गई है। पालिका का मानना है कि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह समस्या भी बड़े स्तर पर फैल सकती है।
फीडिंग पर नियम लागू, 18 स्थान किए गए तय
शहर में अनियंत्रित तरीके से जानवरों को खाना खिलाने से गंदगी और अव्यवस्था बढ़ने की शिकायतों को देखते हुए बीएमसी ने सख्त कदम उठाए हैं। अब पूरे मुंबई में 18 अधिकृत फीडिंग स्पॉट तय किए गए हैं। पशु प्रेमियों को इन्हीं निर्धारित स्थानों पर नियमों के तहत जानवरों को खाना खिलाने की अनुमति होगी।
हालिया घटनाओं ने बढ़ाई चिंता
हाल के महीनों में कई चौंकाने वाली घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने प्रशासन और नागरिकों दोनों को सतर्क कर दिया है।
दिसंबर 2025 में गोरेगांव में एक ही कुत्ते ने 24 घंटे के भीतर 16 लोगों को काट लिया।
मार्च 2026 में नालासोपारा में रेबीज के कारण 9 वर्षीय बच्ची की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया।
महाराष्ट्र में रोजाना औसतन 1,369 डॉग बाइट के मामले सामने आ रहे हैं, जो स्थिति की गंभीरता को साफ दर्शाता है।
‘रेबीज फ्री मुंबई’ का लक्ष्य
बीएमसी ने ‘मुंबई रेबीज उन्मूलन परियोजना’ के तहत 1 सितंबर 2025 से 15 मार्च 2026 तक बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाया। इस अभियान में 8 पशु कल्याण संगठनों की मदद ली जा रही है, जिससे नसबंदी और टीकाकरण दोनों कार्यों को गति मिली है।
नागरिकों से सहयोग की अपील
पालिका ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराने के बजाय जागरूक रहें और नियमों का पालन करें। आवारा कुत्तों से संबंधित किसी भी शिकायत के लिए नागरिक हेल्पलाइन नंबर 75649 76649, MyBMC ऐप या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं।
मुंबई के सामने दोहरी चुनौती
मुंबई के सामने अब दोहरी चुनौती है—एक ओर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और दूसरी ओर पशु कल्याण के नियमों का पालन करना। ऐसे में बीएमसी के लिए संतुलन बनाना आसान नहीं है, लेकिन तेजी से चल रहा अभियान इस दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।



