जो इंडिया / मुंबई:
इस प्रोजेक्ट को महाराष्ट्र रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर (MRSAC) के माध्यम से अंजाम दिया जाएगा। MRSAC एक मोबाइल ऐप के जरिए स्कूलों और आंगनवाड़ियों का अक्षांश-देशांतर दर्ज करेगा और उन्हें डिजिटल मैप पर चिन्हित करेगा।
सरकारी आंकड़ों में आएगी पारदर्शिता
फिलहाल केंद्र सरकार की UDISE+ वेबसाइट पर स्कूलों की बुनियादी जानकारी उपलब्ध है, लेकिन स्कूलों की सटीक भौगोलिक स्थिति, आसपास की बस्तियां, सड़क कनेक्टिविटी और अन्य सुविधाओं की जानकारी शिक्षा विभाग के पास नहीं है। इसी कमी को दूर करने के लिए यह कदम उठाया गया है।
योजनाओं को मिलेगा बल
शिक्षा विभाग का कहना है कि जियो टैगिंग से नीतियों की योजना, संसाधनों का वितरण और आवश्यकताओं का आकलन करना आसान होगा। साथ ही, इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा केंद्रों के बीच समन्वय भी बेहतर हो सकेगा।


