जो इंडिया / मुंबई :
पक्षियों में डिहाइड्रेशन की समस्या आम हो गई है। चिड़िया, कौवे और कबूतर जैसे पक्षी जब बेहोश होकर गिरते हैं, तो अन्य जानवरों का शिकार भी बन जाते हैं। अप्रैल महीने में 76 गिद्ध, 50 कबूतर, 37 कौवे, 2 तोते, 2 बतख और 2 मैना का इलाज अस्पताल में किया गया।
अस्पताल के प्रबंधक डॉ. मयूर डांगे के अनुसार, अत्यधिक गर्मी से डिहाइड्रेशन के कारण कुछ जानवर लकवाग्रस्त हो जाते हैं और उन्हें ठीक होने में 5 से 6 दिन तक लगते हैं। कई बार यह हालत जानलेवा भी साबित होती है।
क्या करें इस संकट में?
घर की छतों या बालकनी में पानी के बर्तन रखें।
पानी में ग्लूकोज मिलाएं, ताकि पक्षियों को ऊर्जा मिल सके।
घोंसलों को न तोड़ें और कृत्रिम घोंसलों की व्यवस्था करें।
गर्मियों में तैलीय भोजन देने से बचें।
पालतू जानवरों को दिन के समय बाहर ले जाने से बचें।
गंभीर हालत में तुरंत पशु चिकित्सा सहायता लें।
मुंबई में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और आगे और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में यह जरूरी है कि हम न केवल खुद का, बल्कि आसपास के जीव-जंतुओं का भी ध्यान रखें।
