जो इंडिया / मुंबई :
दादर, कुर्ला, अंधेरी और घाटकोपर जैसे इलाकों में पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। बीएमसी की आपातकालीन टीमें मौके पर तो पहुंचीं, लेकिन यातायात को सामान्य करने में घंटों लग गए।
लोकल ट्रेनें फिर बनी मुसीबत
वेस्टर्न और सेंट्रल लाइन पर चलने वाली कई लोकल ट्रेनें 30 से 50 मिनट की देरी से चलीं। कहीं तकनीकी खराबी तो कहीं ओवरहेड वायर में दिक्कतें सामने आईं। कुछ जगहों पर यात्रियों को ट्रैक पर उतरकर पैदल स्टेशन तक जाना पड़ा।
सड़कों पर जलजमाव, ऑफिस पहुंचना बना चुनौती
मुलुंड, मालाड और सायन में मुख्य सड़कों पर जलजमाव के कारण गाड़ियाँ रेंगती रहीं। ऑफिस जाने वाले लोगों को घंटों ट्रैफिक में फंसे रहना पड़ा।
सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूटा
बीएमसी की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कई लोगों ने ट्विटर और इंस्टाग्राम पर अपने अनुभव साझा किए। एक यूज़र ने लिखा—”हर साल की तरह इस बार भी एक बारिश में मुंबई डूब गई।”
बिजली सप्लाई भी प्रभावित
बांद्रा, गोरेगांव और ठाणे के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। बीईएसटी और रिलायंस द्वारा मरम्मत का काम देर शाम तक जारी था।
