जो इंडिया / मुंबई
तंबाकू कंपनियों का मुनाफा, आमजन का नुकसान
हर एक तंबाकू सेवन करने वाले व्यक्ति से कंपनियों को औसतन ₹1 लाख प्रति वर्ष का मुनाफा होता है, लेकिन यह मुनाफा देश को अत्यधिक नुकसान की कीमत पर मिलता है। सरकार को तंबाकू से होने वाले कर राजस्व की तुलना में तंबाकूजन्य बीमारियों के इलाज और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर कई गुना अधिक खर्च करना पड़ता है। एक अनुमान के अनुसार, तंबाकू से ₹100 का राजस्व प्राप्त होता है, तो सरकार को ₹816 का नुकसान झेलना पड़ता है।
स्वास्थ्य पर गंभीर असर
• भारत में 90% मुँह के कैंसर के मामले तंबाकू सेवन से जुड़े होते हैं।
• 60% फेफड़ों के कैंसर और लगभग 50% दिल की बीमारियाँ तंबाकू के सेवन से होती हैं।
• केवल बीमार ही नहीं, तंबाकू की लत से जुड़ी मानसिक पीड़ा और परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
• कई परिवार अपने सदस्यों के इलाज पर सारी जमा पूंजी गंवा देते हैं।
किशोरों और युवाओं में तेजी से बढ़ रहा है सेवन
तंबाकू कंपनियां अपने उत्पादों को आकर्षक पैकिंग और सस्ते दामों में बेचकर किशोरों को लक्षित करती हैं। कई बार स्कूल-कॉलेज के बाहर यह उत्पाद खुलेआम बेचे जाते हैं। यह नयी पीढ़ी के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है।
सरकार की नीतियाँ और जनजागरूकता की ज़रूरत
हालाँकि सरकार ने सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर चेतावनी चित्र और विज्ञापन प्रतिबंध जैसे कई नियम बनाए हैं, लेकिन जागरूकता की कमी और कमजोर क्रियान्वयन के कारण इनका प्रभाव सीमित रह गया है। अब समय आ गया है कि हर नागरिक इस लड़ाई में भागीदारी निभाए।
डॉक्टरों की अपील
मुंबई बेस्ट उपक्रम के मुख्य वैद्यकीय अधिकारी डॉ. अ. मि. सिंगल ने कहा,
> “तंबाकू कोई शौक नहीं, यह एक धीमा ज़हर है। हर एक व्यक्ति जो यह लत छोड़ता है, वह न केवल अपनी बल्कि अपने परिवार और समाज की रक्षा करता है।”
अब समय है संकल्प लेने का।
आज तंबाकू छोड़ें — कल स्वस्थ रहें।
आपके एक निर्णय से न सिर्फ आपका जीवन, बल्कि आपके बच्चों का भविष्य भी सुरक्षित हो सकता है।
