राजनीतिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जताई कड़ी नाराज़गी
जो इंडिया / नवी मुंबई: (Turbhe Illegal Hoardings)
नवी मुंबई महानगरपालिका (Navi Mumbai Municipal Corporation) के तुर्भे विभाग कार्यालय द्वारा अवैध विज्ञापन फलक (Hoardings) हटाने के नाम पर दुजाभाव यानी पक्षपात किया जा रहा है, ऐसा गंभीर आरोप सामने आया है। इस मामले को लेकर राजनीतिक दलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में तीखी नाराज़गी देखी जा रही है।
चुनाव नज़दीक, राजनीतिक गतिविधियाँ तेज — अवैध होर्डिंग्स की बाढ़
जैसे-जैसे नगरसेवक चुनाव नज़दीक आ रहे हैं, राजनीतिक गतिविधियाँ बढ़ गई हैं। कई राजनीतिक पार्टियों ने मतदाताओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए बिना नगरपालिका शुल्क चुकाए बड़े पैमाने पर अवैध विज्ञापन फलक लगा दिए हैं।
पदाधिकारियों के जन्मदिन,
पार्टी प्रवेश, कार्यकर्ता सम्मेलन, शादी और सामाजिक कार्यक्रम,
सब कुछ फ्री में प्रचारित किया जा रहा है।
सबसे गंभीर बात यह है कि पेड़ों पर होर्डिंग लगाना कानूनन प्रतिबंधित है, बावजूद इसके तुर्भे क्षेत्र के पेड़ों पर बड़े-बड़े पोस्टर चिपका दिए गए हैं।
प्रशासनिक राजवट में ‘श्रेयनामा’ की राजनीति
नवी मुंबई में इस समय प्रशासकीय राजवट लागू है और प्रशासन विकास कार्य कर रहा है।
लेकिन राजनीतिक दलों के पदाधिकारी काम शुरू होने से पहले ही उद्घाटन के फलक लगाकर जनता में यह प्रचार कर रहे हैं कि विकास कार्य उनकी वजह से हो रहा है।
हाल ही में तुर्भे गांव में सड़क मरम्मत कार्य के लिए कुछ कार्यकर्ताओं ने उद्घाटन बोर्ड लगा दिए, जबकि काम नगरपालिका द्वारा कराया जा रहा था।
संविधान दिवस के नाम पर भी अवैध राजनीतिक प्रचार
संविधान दिवस के अवसर पर भी कुछ राजनीतिक दलों ने नगरसेवक बनने के इच्छुक उम्मीदवारों के बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगा दिए।
कुछ जन्मदिन वाले पोस्टर प्रशासन ने हटाए, लेकिन ठीक बगल में लगे संविधान दिवस के अवैध पोस्टर अब तक जस के तस लगे हैं।
इस चयनात्मक कार्रवाई से राजनीतिक दलों में भारी नाराज़गी है।
सत्तापक्ष के पोस्टर सुरक्षित, विपक्ष के पोस्टर तुरंत हटाए जाते हैं?
तुर्भे, सानपाड़ा, पाम बीच और वाशी क्षेत्र में यह आरोप खुलकर लगाया जा रहा है कि—
सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं के होर्डिंग्स को नहीं छुआ जाता,
जबकि विपक्षी दलों के पोस्टर पर नगरपालिका तुरंत कार्रवाई करती है।
यह कथित पक्षपात पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
विभाग अधिकारी से संपर्क नहीं हो पाया
जब इस मामले में तुर्भे विभाग के अधिकारी से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।
