जो इंडिया / नवी मुंबई। (Police raid on APMC lodge
कैसे चला ऑपरेशन
सूत्रों के अनुसार, अपराध शाखा व स्थानीय पुलिस टीम ने बीती रात संयुक्त रूप से कार्रवाई की। टीम ने परिसर की घेराबंदी कर लॉज के कई कमरों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान बरामद दस्तावेज, मोबाइल फोन, डायरी/बही-खाते और नकदी को जब्त किया गया है। शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया और फोन कॉल के जरिए ग्राहकों से संपर्क करते थे तथा एजेंटों की मदद से महिलाओं को लाया जाता था।
पीड़ितों की काउंसलिंग व पुनर्वास
छुड़ाई गई महिलाओं को मेडिकल जांच के बाद वन-स्टॉप सेंटर/पुनर्वास केंद्र भेजा गया है, जहां उनकी काउंसलिंग, कानूनी सहायता और सुरक्षित आवास की व्यवस्था की गई है। संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर पीड़ितों के घर लौटाने या दीर्घकालिक संरक्षण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
किन धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों पर मानव तस्करी संबंधी धाराएं (जैसे IPC 370), अनैतिक देह व्यापार (रोकथाम) अधिनियम (ITPA) तथा आपराधिक षड्यंत्र समेत अन्य प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जब्त मोबाइल व डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कर संपर्कों के जाल का पता लगाया जाएगा।
पुलिस का बयान
कार्रवाई का नेतृत्व कर रही टीम ने कहा, “हमारी प्राथमिकता पीड़ितों की सुरक्षा और इस अवैध नेटवर्क की कड़ियों तक पहुंचना है। इलाके में ऐसे स्थलों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।”
आगे की जांच
जांच एजेंसियां अब लॉज के संचालकों, बिचौलियों और संभावित वित्तीय मददगारों की भूमिका खंगाल रही हैं। पुलिस ने आसपास के होटलों/लॉजों को भी कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं—किरायेदारी रजिस्टर का रख-रखाव, वैध पहचान-पत्र की अनिवार्यता और सीसीटीवी फुटेज का बैकअप आदि।
नागरिकों से अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत हेल्पलाइन या नजदीकी थाने को सूचित करें। समय पर मिली सूचना कई जिंदगियां बचा सकती है।



