ज्योति दूबे / जोइंडिया टीम- मुंबई न्यूज: देश के प्रधानमंत्री narendra modi (PM मोदी ) की एक बात देशवासियों के दिल पर इस प्रकार प्रभावित कर गई कि उसके चलते कई लोग भारी नुकसान में आ गए। पीएम मोदी

दरअसल रेखा झुनझुनवाला का टाटा ग्रुप की टायटन कंपनी में सबसे बड़ी व्यक्तिगत हिस्सेदारी है। PM मोदी के बयान से शेयर मार्केट नीचे आ गया है। जिसमें टायटन कंपनी के निवेशको को इस गिरावट से बड़ा झटका लगा है। मार्च 2026 तिमाही के आंकड़ों के मुताबिक रेखा झुनझुनवाला के पास टायटन के 4.71 करोड़ से ज्यादा शेयर हैं, जो कंपनी में 5.31 फीसदी हिस्सेदारी के बराबर है। एक ही दिन में शेयर करीब 362 रुपये टूटने से उनकी नेटवर्थ में अनुमानित 1700 करोड़ रुपये की कमी आ गई। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि टायटन का ज्वेलरी कारोबार काफी हद तक घरेलू सोने की मांग पर निर्भर है। ऐसे में पीएम की अपील के बाद निवेशकों में डर पैदा हुआ कि शादी और त्योहारों के सीजन में गोल्ड ज्वेलरी की बिक्री प्रभावित हो सकती है।
रविवार को हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में पीएम मोदी ने देशवासियों से अगले एक साल तक सोना खरीदने से बचने और पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील की। इसके कुछ घंटों बाद ही ज्वेलरी सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली शुरू हो गई। इसमें टाटा कंपनी की टायटन को सबसे बड़ा झटका लगा है। टाटा ग्रुप की इस कंपनी का शेयर सोमवार को BSE में इंट्राडे कारोबार के दौरान 7 फीसदी से ज्यादा टूट गया। शेयर 4513.40 रुपये के पिछले बंद स्तर से गिरकर करीब 4220 रुपये तक पहुंच गया। कारोबार के अंत तक शेयर लगभग 6.28 फीसदी टूटकर 4230 रुपये पर बंद हुआ।

सिर्फ टायटन नहीं, पूरा ज्वेलरी सेक्टर दबाव में…
टायटन के अलावा और जैसे ज्वेलरी शेयरों में भी तेज गिरावट देखने को मिली। निवेशकों को आशंका है कि अगर सोने की खरीदारी धीमी हुई तो ज्वेलरी कंपनियों की बिक्री और मुनाफे पर असर पड़ सकता है। विश्लेषकों का मानना है कि बाजार ने पीएम मोदी की टिप्पणी पर तुरंत प्रतिक्रिया दी, लेकिन लंबी अवधि में भारतीयों की सोने की मांग पूरी तरह खत्म होना मुश्किल है। भारत में शादी, त्योहार और निवेश के तौर पर सोने की मजबूत सांस्कृतिक मांग बनी रहती है। फिलहाल, सोमवार का दिन यह दिखाने के लिए काफी रहा कि प्रधानमंत्री के एक बयान का असर सिर्फ राजनीति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि अरबों रुपये के बाजार मूल्य और निवेशकों की संपत्ति पर भी सीधा असर डाल सकता है।

आखिर पीएम मोदी ने ऐसा क्यों कहा?
प्रधानमंत्री मोदी की यह अपील पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में संभावित संकट के बीच आई है। अर्थशास्त्रियों के अनुसार भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल और सोना आयातकों में शामिल है। इन दोनों आयातों का भुगतान डॉलर में होता है। अगर तेल और सोने का आयात बढ़ता है तो भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव पड़ सकता है और रुपया कमजोर हो सकता है। माना जा रहा है कि पीएम मोदी का संदेश लोगों को आयातित वस्तुओं पर निर्भरता कम करने की दिशा में था।
Pls read another stories on joindia.co.in
पायधुनि Mystery: तरबूज में रैट पॉइजन किसने मिलाया, फॉरेंसिक रिपोर्ट से बढ़ा सस्पेंस!



