जोइंडिया टीम मुंबई/सोलापुर : महाराष्ट्र में प्याज (onion price) इतनी सस्ती बिक रही है कि आप सोच भी नहीं सकते हैं। शायद यह जानकर आप दांतो तले अंगुली दबा लें। जी हां, 50 पैसा प्रति किलो महाराष्ट्र में प्याज बिक रहा है। प्याज को यह भाव सोलापुर (solapur)
अब तो लोगों में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब किसान 50 पैसे किलो प्याज (Onion price) बेचने को मजबूर है, तो फिर आम जनता तक वही प्याज 20 रुपये किलो कैसे पहुंच रही है? आखिर किसान और ग्राहक दोनों के बीच यह “मुनाफे की दीवार” किसके लिए खड़ी की गई है? जब खेत में पसीना बहाने वाले किसानों को उनकी उपज का दाम 50 पैसे प्रति किलो तक मिल रहा है, तो आम उपभोक्ता आज भी बाजार में 20 रुपये किलो या उससे ज्यादा कीमत पर प्याज खरीदने को मजबूर क्यों है। आखिर किसान और ग्राहक के बीच इतना बड़ा मूल्य अंतर किसकी जेब भर रहा है?
joindia report on Onion price : बतादें मामला सोलापुर कृषि उपज मंडी से सामने आया है। राज्य की कृषि व्यवस्था की गंभीर खामियां उजागर करता है। करमाला तालुका के पांगरे गांव के किसान अंकुश अण्णा गुंजाल ने 73 बोरी प्याज मंडी में बेची, लेकिन आढ़त, हमाली, वाहन भाड़ा और अन्य खर्च काटने के बाद उनके हाथ में सिर्फ 400 रुपये बचे। यानी किसान को प्याज का भाव महज 50 पैसे प्रति किलो मिला। एक ओर किसान लागत तक नहीं निकाल पा रहा, दूसरी ओर शहरों में खुदरा बाजार में प्याज 20 रुपये किलो बिक रही है। इससे साफ है कि मंडी व्यवस्था, वितरण तंत्र और बाजार समन्वय पूरी तरह चरमरा चुका है।
किसानों के प्रति सरकार की नीयत खराब – किशोर तिवारी
किसान संगठनों का आरोप है कि बिचौलियों और व्यापारियों की पकड़ इतनी मजबूत है कि किसान को उसकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाता, जबकि उपभोक्ता को भी राहत नहीं मिलती। किसान नेता किशोर तिवारी ने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते खरीद, निर्यात नीति और बाजार समन्वय पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में किसान प्याज की खेती से दूरी बनाने लगेंगे। इसका सीधा असर भविष्य में बाजार में प्याज की उपलब्धता और कीमतों पर पड़ सकता है।
बेमौसम बारिश नहीं, सरकारी नीतियों की खामी
महाराष्ट्र में लगातार हो रही बेमौसम बारिश, आंधी और भीषण गर्मी ने प्याज उत्पादकों की हालत और खराब कर दी है। पश्चिम विदर्भ में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे प्याज खराब होने लगी है। खेतों और गोदामों में रखा प्याज बारिश से भीगकर सड़ रहा है।
वर्तमान में पश्चिम विदर्भ में प्याज का थोक भाव केवल 450 से 550 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है, जो उत्पादन लागत से काफी कम है। किसानों का कहना है कि बीज, खाद, दवाई, मजदूरी और सिंचाई पर हजारों रुपये खर्च करने के बाद भी उन्हें फसल का वाजिब दाम नहीं मिल रहा।



