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Chaturmasya Mahotsav: “जो भक्त नहीं, वो सनातनी नहीं” — शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने भक्ति के महत्व पर दिया आध्यात्मिक संदेश, बोरीवली में चातुर्मास्य महोत्सव में उमड़ा जनसैलाब

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जो इंडिया /मुंबई। (Chaturmasya Mahotsav)
ज्योतिषपीठाधीश्वर उत्तराम्नाय जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Jagadguru Shankaracharya Swami Avimukeshwarananda Saraswati, the head of the Jyotish Peeth, Uttaramna

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) ने कहा कि सनातन धर्म को अपनाने वाला प्रत्येक व्यक्ति भगवान का भक्त होना चाहिए। यह कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक अनिवार्यता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “जो भक्त नहीं, वह सनातनी नहीं।”

यह संदेश उन्होंने मुंबई के बोरीवली क्षेत्र में कोराकेंद्र मैदान पर चल रहे चातुर्मास्य व्रत महोत्सव के अवसर पर अपने दिव्य प्रवचन में दिया। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालुओं ने उनकी अमृतवाणी का लाभ लिया। उन्होंने ‘नवधा भक्ति’ — भक्ति के नौ रूपों — की व्याख्या करते हुए बताया कि भक्ति के लिए कोई विशेष धन-संपत्ति या साधन आवश्यक नहीं होता। उन्होंने कहा कि भगवान केवल भक्त की श्रद्धा और भावना को स्वीकार करते हैं, संसाधनों को नहीं।

स्वामीजी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति स्वयं पूजा नहीं कर सकता तो वह किसी और की पूजा में सहायक बन सकता है। यहाँ तक कि यदि कोई किसी को पूजा करते हुए केवल श्रद्धा से देखता है, तो भी उसे पूजा का फल मिलता है। शास्त्रों में यह विधान स्पष्ट रूप से वर्णित है। भगवान अमीर-गरीब में भेद नहीं करते, उनके आशीर्वाद का भंडार सभी के लिए खुला है।

उन्होंने कहा, “हिंदू धर्म की एकता इसी में है कि जब एक व्यक्ति भी पूजा करता है तो बाकी श्रद्धालु उसमें मन से सम्मिलित हो जाते हैं। यही हमारी भक्ति की शक्ति और धार्मिक एकजुटता का प्रतीक है।”

चातुर्मास्य महोत्सव में विशाल आयोजन
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के चातुर्मास्य महोत्सव में भक्तों की अपार भीड़ उमड़ रही है। इस महोत्सव में 33 कोटी गौ-प्रतिष्ठा महायज्ञ, रुद्राभिषेक, भगवान चंद्रमौलेश्वर के विशेष दर्शन, महायज्ञ की परिक्रमा, पादुका पूजन और दैनिक प्रवचन जैसे धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं। आयोजन स्थल पर भक्ति संगीत की रंगारंग प्रस्तुतियों से भक्तजन आध्यात्मिक वातावरण में डूबे नजर आ रहे हैं।

चमत्कारिक अनुभव और आयोजन समिति का सम्मान
ज्योतिषपीठ के मीडिया प्रभारी अशोक साहू ने बताया कि उन्होंने स्वयं शंकराचार्य जी के आशीर्वाद से जीवन में चमत्कारिक लाभ पाया है। गंभीर बीमारी के दौरान डॉक्टरों द्वारा जवाब दे दिए जाने के बाद उन्हें नया जीवन मिला, जिसे वे शंकराचार्य जी की कृपा मानते हैं।

महाराजश्री ने आयोजन की सफलता के लिए राजकुमार जाजू, अभिषेक जाजू, एम.एल. सोनी, जयकांत शुक्ला और आयोजन समिति के सभी सदस्यों की सराहना की।

7 सितंबर तक चलेगा चातुर्मास्य महोत्सव
शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी योगीराज सरकार और चातुर्मास्य मीडिया प्रभारी शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि यह चातुर्मास्य महोत्सव 7 सितंबर तक चलेगा। इस दौरान दूर-दूर से भक्तों का आना लगातार जारी है। न केवल मुंबई बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु इस आयोजन में भाग लेने आ रहे हैं।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था
आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध किया है कि वे इस पुण्य अवसर का लाभ उठाएं और महाराजश्री के दर्शन व आशीर्वाद प्राप्त करें। आयोजन स्थल पर दर्शन और पूजन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं ताकि भक्तगण को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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