जो इंडिया / नई दिल्ली: (VTION and IAMAI Report 2025-2026)
भारत की डिजिटल क्रांति अब केवल इंटरनेट और स्मार्टफोन तक सीमित नहीं रही है। सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एप्लिकेशन लोगों की दैनिक जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। VTION और IAMAI की ताजा “इंडिया डिजिटल बिहेवियर रिपोर्ट 2025-26” ने देश के डिजिटल उपभोक्ताओं की बदलती आदतों की ऐसी तस्वीर पेश की है, जो आने वाले वर्षों में पूरे डिजिटल बाजार की दिशा तय कर सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार 18 से 24 वर्ष की आयु के युवा प्रतिदिन 120 मिनट से अधिक समय सोशल मीडिया पर बिता रहे हैं। यह राष्ट्रीय औसत 97.9 मिनट प्रतिदिन से काफी अधिक है। इसका सीधा अर्थ है कि देश का युवा वर्ग अब अपनी सामाजिक पहचान, मनोरंजन, जानकारी और नेटवर्किंग का बड़ा हिस्सा डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ही बना रहा है।
सोशल मीडिया बना नई पीढ़ी का ‘डिजिटल चौपाल’
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया अब केवल फोटो और वीडियो साझा करने का माध्यम नहीं रह गया है। यह युवाओं के लिए करियर अवसरों, ऑनलाइन समुदायों, शिक्षा, व्यापार और सामाजिक अभियानों का प्रमुख मंच बन चुका है। रिपोर्ट में पाया गया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं में लगातार वृद्धि हो रही है और इसकी सबसे बड़ी वजह युवा वर्ग है।
युवाओं के लिए इंस्टेंट कम्युनिकेशन, रील्स, शॉर्ट वीडियो, इन्फ्लुएंसर कंटेंट और ऑनलाइन नेटवर्किंग आज जीवनशैली का हिस्सा बन चुके हैं। यही कारण है कि सोशल मीडिया पर बिताया जाने वाला समय अन्य डिजिटल श्रेणियों की तुलना में लगातार बढ़ रहा है।
डिजिटल दुनिया में महिलाओं का बढ़ता दबदबा
रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष महिलाओं की बढ़ती डिजिटल भागीदारी है। आंकड़ों के अनुसार 18 से 24 वर्ष आयु वर्ग की महिलाएं कई डिजिटल श्रेणियों में पुरुषों की तुलना में 47 प्रतिशत अधिक सक्रिय हैं। ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक देखी गई।
25 से 34 वर्ष आयु वर्ग की शहरी महिलाएं प्रतिदिन औसतन 35.2 मिनट ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स ऐप्स पर बिताती हैं, जबकि इसी आयु वर्ग के पुरुष केवल 24.8 मिनट खर्च करते हैं। इससे स्पष्ट है कि ऑनलाइन खरीदारी और डिजिटल कॉमर्स का भविष्य बड़ी हद तक महिला उपभोक्ताओं के व्यवहार से प्रभावित होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि फैशन, ब्यूटी, घरेलू जरूरतों और लाइफस्टाइल उत्पादों की बढ़ती ऑनलाइन मांग के पीछे महिला उपभोक्ताओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण बनकर उभरी है।
35 वर्ष से अधिक उम्र के लोग मनोरंजन के सबसे बड़े दर्शक
जहां युवा सोशल मीडिया की दुनिया में सबसे अधिक सक्रिय हैं, वहीं 35 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोग डिजिटल मनोरंजन प्लेटफॉर्म्स का सबसे बड़ा आधार बने हुए हैं। रिपोर्ट के अनुसार यह वर्ग प्रतिदिन औसतन 77.2 मिनट मनोरंजन ऐप्स और वीडियो प्लेटफॉर्म्स पर बिताता है।
OTT प्लेटफॉर्म्स, वेब सीरीज, समाचार वीडियो और लाइव स्ट्रीमिंग कंटेंट की लोकप्रियता ने इस आयु वर्ग को डिजिटल मनोरंजन का सबसे मजबूत दर्शक बना दिया है। डिजिटल कंपनियां भी अब इस वर्ग को लक्ष्य बनाकर नई रणनीतियां तैयार कर रही हैं।
AI ऐप्स ने मचाया धमाल, एक साल में 100% से ज्यादा उछाल
रिपोर्ट का सबसे चौंकाने वाला खुलासा AI आधारित एप्लिकेशनों को लेकर सामने आया है। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच AI ऐप्स के उपयोग में 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि बताती है कि भारतीय उपयोगकर्ता तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं।
AI चैटबॉट, कंटेंट क्रिएशन टूल्स, स्टडी असिस्टेंट, डिजिटल रिसर्च प्लेटफॉर्म और स्मार्ट सर्च एप्लिकेशन अब युवाओं और पेशेवरों दोनों के बीच लोकप्रिय हो रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार 18 से 34 वर्ष आयु वर्ग AI तकनीक को सबसे तेजी से अपना रहा है।
बदल रही है भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था
रिपोर्ट में 4 करोड़ नहीं बल्कि 40 करोड़ से अधिक शहरी भारतीयों के डिजिटल व्यवहार का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन बताता है कि अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सफलता केवल अधिक उपयोगकर्ताओं से नहीं, बल्कि अधिक समय और गहरी भागीदारी से तय होगी।
महिलाएं डिजिटल कॉमर्स की सबसे मजबूत उपभोक्ता बन रही हैं, युवा सोशल मीडिया के सबसे बड़े चालक हैं और AI नई डिजिटल क्रांति का नेतृत्व कर रहा है। ऐसे में कंपनियों, विज्ञापनदाताओं और टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स को अपने उत्पाद और रणनीतियां इन बदलती आदतों के अनुसार ढालनी होंगी।



