जो इंडिया / मुंबई:
धर्मादाय आयुक्त ने की कार्रवाई
गर्भवती महिला की मौत के बाद धर्मादाय आयुक्त कार्यालय ने अस्पताल की जांच के लिए समिति गठित कर दी है। यह समिति जांच करेगी कि धर्मादाय अस्पतालों के लिए निर्धारित नियमों का सही तरीके से पालन हो रहा है या नहीं। साथ ही सभी अस्पतालों को गरीब मरीजों के लिए आरक्षित बेड सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
महात्मा फुले योजना का लाभ नहीं
एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में ‘महात्मा फुले आरोग्य योजना’ का लाभ मरीजों को नहीं मिल रहा। अस्पताल ने एक मरीज को लिखित में दिया कि इस योजना के तहत कोई सुविधा नहीं दी जा रही। इस पर सामाजिक संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है।
अस्पताल का सरेंडर: अब नहीं लिया जाएगा डिपॉजिट
तनिषा भिसे की मौत के बाद जनआक्रोश और राजनीतिक दबाव को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने फैसला किया है कि अब आपातकालीन और प्रसूति मामलों में डिपॉजिट नहीं लिया जाएगा। यह फैसला अस्पताल की ‘मजबूरी में झुकने’ के तौर पर देखा जा रहा है।
