जो इंडिया / मुंबई: शहर (mumbai city and suburban) में जल संकट (mumbai water crisis) गहराता जा रहा है, क्योंकि मुंबई को जलापूर्ति (water supply in mumbai) करने वाले बांधों में जलस्तर तेजी से घट रहा है। शहर को पानी सप्लाई करने वाली सात झीलों का जलस्तर गुरुवार को 35 फीसदी, लगभग 5 लाख मिलियन लीटर तक गिर गया।
एक रिपोर्ट की मानें तो जल संकट को देखते हुए मुंबई मनपा ( mumbai bmc) ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर भातसा और अपर वैतरणा बांध से 1.81 लाख मिलियन लीटर पानी आवंटित करने का अनुरोध किया है। इसमें 68,000 मिलियन लीटर अपर वैतरणा से और 1.13 लाख मिलियन लीटर भातसा से मांगा गया है।
मुंबई की कुल जल आपूर्ति क्षमता 14.47 लाख मिलियन लीटर है, लेकिन लगातार घटते जलस्तर के कारण संकट गहराता जा रहा है। मनपा के मुताबिक, एक फीसदी पानी तीन दिन के लिए पर्याप्त होता है, लेकिन मौजूदा भंडार मानसून तक नहीं टिकेगा। ऐसा साफ प्रतीत हो रहा है।
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इस बीच, पाइप लीकेज और सड़क कंक्रीटिंग कार्यों के दौरान पानी की पाइपें फटने से हजारों लीटर पानी हर दिन बर्बाद हो रहा है। मनपा प्रशासन जल रिसाव को रोकने में नाकाम साबित हो रहा है, जिससे नागरिकों को पानी की कमी और कम दबाव की समस्या झेलनी पड़ रही है। शहर के कई झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों में भी भारी मात्रा में पानी व्यर्थ बह रहा है।
वर्तमान में अपर वैतरणा, मोदकसागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार और तुलसी बांधों में जलस्तर 35 प्रतिशत से नीचे चला गया है। बढ़ती गर्मी के कारण पानी की मांग भी बढ़ रही है, जिससे संकट और गंभीर हो सकता है। मनपा ने राज्य सरकार से अपील की है कि वह आरक्षित जल भंडारण का उपयोग सुनिश्चित करे, ताकि मुंबईवासियों को पानी की किल्लत से बचाया जा सके।
मुंबई में पानी कटौती की आशंका!
पिछले साल भी मनपा ने अपर वैतरणा से 93,500 मिलियन लीटर और भातसा से 1.37 लाख मिलियन लीटर अतिरिक्त पानी मांगा था, लेकिन सरकार ने केवल 15.76 फीसदी जल भंडार आवंटित किया था। नतीजतन, पिछले साल जून से अगस्त तक शहर को पानी कटौती झेलनी पड़ी थी। हालांकि, मनपा अधिकारियों का दावा है कि फिलहाल पानी की आपूर्ति जारी रहेगी और कोई कटौती लागू नहीं की जाएगी।
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