मुंबई के उपनगर Mira Road में भाषा को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। यहां एक्सप्रेस हाईवे के पास स्थित Amar Palace
मामला सामने आते ही MNS ने इस पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। पार्टी के शहर अध्यक्ष Sandeep Rane के नेतृत्व में कई कार्यकर्ता रेस्टोरेंट पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में व्यवसाय करते हुए मराठी भाषा की अनदेखी करना राज्य की संस्कृति और अस्मिता का अपमान है।
प्रदर्शन के दौरान MNS कार्यकर्ताओं ने रेस्टोरेंट के बाहर लगे गुजराती भाषा में लिखे साइनबोर्ड पर काला पेंट पोतकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में रहने वाले हर व्यक्ति और व्यवसायिक प्रतिष्ठान को मराठी भाषा का सम्मान करना चाहिए।
MNS नेताओं का कहना है कि महाराष्ट्र में व्यापार करने वाले सभी प्रतिष्ठानों को अपने साइनबोर्ड पर मराठी भाषा का उपयोग करना चाहिए। उनका मानना है कि मराठी राज्य की आधिकारिक भाषा है और इसे प्राथमिकता देना हर व्यवसाय की जिम्मेदारी है।
इस मौके पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भविष्य में भी किसी प्रतिष्ठान द्वारा मराठी भाषा की अनदेखी की गई तो MNS इसी तरह विरोध प्रदर्शन जारी रखेगी। उनका कहना है कि महाराष्ट्र की भाषा, संस्कृति और पहचान के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए माहौल गरमाया रहा, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई। इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर भाषा और क्षेत्रीय अस्मिता को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है।



