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Maratha Reservation: मीरारोड से असंख्य मराठा समाज के कार्यकर्ता मुंबई के लिए रवाना

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जो इंडिया/मुंबई/मीरारोड: (Maratha Reservation)
मराठा आरक्षण (Maratha Reservation) की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। शनिवार सुबह मीरारोड से अशंख्य मराठा समाज के कार्यकर्ता (Maratha Samaj Karyakarta

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) बड़ी संख्या में मुंबई के लिए रवाना हुए। स्थानीय रेलवे स्टेशन, बस स्टॉप और प्रमुख चौक-चौराहों पर मराठा समाज के कार्यकर्ता हाथों में झंडे, बैनर और तख्तियां लेकर जमा हुए और फिर मुंबई की ओर कूच किया।

🔸 आरक्षण और न्याय की मांग

मराठा समाज लंबे समय से Maratha Reservation (मराठा आरक्षण) की मांग कर रहा है। समाज का कहना है कि सरकार ने बार-बार आश्वासन दिए, लेकिन अभी तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इसी के विरोध में मीरारोड, ठाणे, पालघर और आसपास के इलाकों से हज़ारों की संख्या में मराठा युवक, महिलाएं और बुजुर्ग एकत्र होकर मुंबई में प्रदर्शन में शामिल होने के लिए रवाना हुए।

🔸 उत्साह और आक्रोश दोनों झलकते

मीरारोड स्टेशन पर सुबह से ही मराठा समाज के लोगों की भीड़ देखने को मिली। कार्यकर्ताओं ने नारेबाज़ी करते हुए कहा –
“आरक्षण आमचा हक्क आहे, तो आम्ही मिळवणारच!”
(आरक्षण हमारा हक है, हम इसे लेकर रहेंगे)।
काफिले में शामिल महिलाएं पारंपरिक पोशाक और माथे पर गंधा (केसरिया पट्टी) बांधे हुए थीं। युवाओं ने डीजे, ढोल-ताशे और मराठा झंडों के साथ जोश दिखाया।

🔸 स्थानीय नागरिकों का सहयोग

मुंबई की ओर रवाना हो रहे मराठा समाज के जत्थों के लिए स्थानीय नागरिकों ने जगह-जगह पानी, नाश्ता और भोजन की व्यवस्था की। कई जगहों पर लोगों ने आंदोलनकारियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया।

🔸 प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा

मुंबई में मराठा आंदोलन (Maratha Aandolan) को लेकर पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं। भीड़ को देखते हुए मुंबई पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और रेलवे पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रमुख चौराहों और स्टेशनों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

🔸 आंदोलन और राजनीति पर असर

मराठा आंदोलन ने महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल मचा दी है। राजनीतिक दल भी इस आंदोलन पर नज़र रखे हुए हैं। समाज का कहना है कि जब तक (Maratha Reservation in Maharashtra) पर ठोस कानून नहीं बनेगा, तब तक यह आंदोलन चलता रहेगा।

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