जो इंडिया / मुंबई। (Eknath Shinde PA Fraud)
महाराष्ट्र में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर कथित तौर पर करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आने से राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के कार्यकाल के दौरान मंत्रालय में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कई बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये वसूले गए। इस मामले में शिंदे के पूर्व निजी सहायक (पीए) प्रभाकर काले समेत पांच लोगों के खिलाफ मरीन ड्राइव पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार, नांदेड़ के रहने वाले एक युवक को मंत्रालय में लिपिक (क्लर्क) पद पर सरकारी नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था। इसके लिए पहले उससे 20 लाख रुपये की मांग की गई। बाद में कथित तौर पर सौदा 7 लाख 65 हजार रुपये में तय हुआ। शिकायत में कहा गया है कि पीड़ित परिवार ने 7 लाख 25 हजार रुपये ऑनलाइन बैंक ट्रांसफर किए, जबकि 40 हजार रुपये नकद दिए गए।
मंत्रालय परिसर में कराया गया इंटरव्यू
आरोप है कि युवक को मंत्रालय परिसर में बुलाकर उसका इंटरव्यू भी लिया गया, जिससे उसे भरोसा हो गया कि भर्ती प्रक्रिया वास्तविक है। इसके बाद उसे वन रक्षक (फॉरेस्ट गार्ड) के नाम पर कथित नियुक्ति पत्र भी दिया गया और प्रशिक्षण के लिए नागपुर, नाशिक और सातारा भेजा गया।
हालांकि, संबंधित स्थानों पर पहुंचने के बाद युवक को पता चला कि कोई प्रशिक्षण आयोजित ही नहीं किया गया है और उसके साथ धोखाधड़ी हुई है। इसके बाद पीड़ित परिवार ने मरीन ड्राइव पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
40 युवाओं से लाखों रुपये लेने का आरोप
एफआईआर में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शिकायतकर्ता वर्षा भुताळे ने आरोप लगाया है कि जिस दिन मंत्रालय के भूतल पर रितेश कांबले का कथित इंटरव्यू हुआ, उसी दिन करीब 40 अन्य युवक भी वहां नौकरी के लिए इंटरव्यू देने पहुंचे थे।
शिकायत में दावा किया गया है कि इन युवाओं से भी सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर 15 से 20 लाख रुपये तक की रकम वसूली गई। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो यह ठगी करोड़ों रुपये तक पहुंच सकती है।
खाते में दिखाए गए पांच करोड़ रुपये
शिकायतकर्ता वर्षा भुताळे ने यह भी आरोप लगाया है कि जब वह तत्कालीन मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंची थीं, तब आरोपी विश्वनाथ गच्चे ने उन्हें अपने बैंक खाते में जमा पांच करोड़ रुपये दिखाए थे। इस खुलासे के बाद जांच एजेंसियों को शक है कि यह कोई बड़ा संगठित भर्ती घोटाला हो सकता है।
इन पांच लोगों पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने इस मामले में प्रभाकर काले, विश्वनाथ गच्चे, स्नेहल कोली, मनोहर चोरगे, साईनाथ व्हटकर के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
फिलहाल मरीन ड्राइव पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस कथित फर्जी भर्ती रैकेट के जरिए कितने युवाओं को निशाना बनाया गया और कुल कितनी रकम की ठगी हुई।



