जो इंडिया / मुंबई: (Indian Railways new rules 2026)
भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए एक बड़ा और सख्त फैसला लागू किया है, जिसने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 के बीच चरणबद्ध तरीके से लागू हो रहे नए नियमों के तहत अब कन्फर्म टिकट को ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक रद्द करने पर भी कोई रिफंड नहीं मिलेगा। इस बदलाव ने लाखों यात्रियों की जेब पर सीधा असर डाला है।
पहले जहां यात्रियों को ट्रेन छूटने से 4 घंटे पहले तक टिकट रद्द करने पर कुछ राशि वापस मिल जाती थी, अब इस सीमा को बढ़ाकर 8 घंटे कर दिया गया है। यानी यात्रा से ठीक पहले किसी भी कारण से टिकट कैंसिल करना अब पूरी तरह घाटे का सौदा बन गया है।
रिफंड नियमों में सख्ती: जानिए पूरा हिसाब-किताब
रेलवे द्वारा लागू किए गए नए कैंसिलेशन नियम इस प्रकार हैं:
*72 घंटे से अधिक पहले कैंसिलेशन: न्यूनतम चार्ज काटकर रिफंड
*72 से 24 घंटे के बीच: कुल किराए का 25% कटेगा
*24 से 8 घंटे के बीच: 50% किराया कटेगा
*8 घंटे से कम समय: ❌ कोई रिफंड नहीं, पूरा पैसा जब्त
इन नियमों ने विशेष रूप से उन यात्रियों को प्रभावित किया है, जिन्हें अचानक यात्रा रद्द करनी पड़ती है।
प्रीमियम ट्रेनों में और सख्ती
रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस (स्लीपर संस्करण) और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी प्रीमियम ट्रेनों में नियमों को और कड़ा कर दिया है।
अब आरएसी (RAC) की सुविधा खत्म
वेटिंग लिस्ट भी पूरी तरह बंद
केवल कन्फर्म टिकट पर ही यात्रा संभव
इससे यात्रियों के लिए यात्रा के विकल्प सीमित हो गए हैं।
तत्काल टिकट बुकिंग में नया नियम
अब तत्काल टिकट बुक करते समय आधार आधारित OTP वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। रेलवे का दावा है कि इससे कालाबाजारी पर लगाम लगेगी, लेकिन कई यात्रियों का मानना है कि इससे बुकिंग प्रक्रिया और जटिल हो जाएगी।
बोर्डिंग स्टेशन बदलने का समय घटा
यात्रियों को अब ट्रेन छूटने से केवल 30 मिनट पहले तक ही बोर्डिंग स्टेशन बदलने की अनुमति होगी। पहले यह समय अधिक था, जिससे यात्रियों को लचीलापन मिलता था।
TDR की झंझट खत्म, लेकिन भरोसा नहीं
रेलवे ने ई-टिकट के लिए TDR (Ticket Deposit Receipt) भरने की प्रक्रिया खत्म करने का दावा किया है। अब रिफंड अपने आप खाते में आने की बात कही गई है। हालांकि, यात्रियों को आशंका है कि तकनीकी खामियों के चलते पैसा आने में देरी हो सकती है।
यात्रियों में गुस्सा और निराशा
मुंबई के यात्री फ़िरोज़ खान ने इस फैसले को “खुली लूट” बताते हुए कहा कि रेलवे सिर्फ पैसे वसूलने के नए तरीके ढूंढ रहा है। वहीं राजेश मोरे का कहना है कि “सुविधाएं जस की तस हैं, लेकिन नियम दिन-ब-दिन सख्त होते जा रहे हैं।”
किरण सिंह ने चिंता जताते हुए कहा कि इन नियमों का सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यम वर्ग पर पड़ेगा, जो पहले ही महंगे किराए और टिकटों की कमी से जूझ रहे हैं।



