जो इंडिया / मुंबई: (Maharashtra Recruitment)
मामला उस समय सामने आया जब सांगली जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक ने 444 कनिष्ठ लिपिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। विधानसभा परिषद चुनाव के दौरान लागू आचार संहिता का हवाला देते हुए राज्य सरकार ने इस भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी। इस फैसले के बाद हजारों अभ्यर्थियों में निराशा फैल गई, क्योंकि लंबे समय से नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया।
जानकारी के अनुसार, रयत क्रांति संगठन के नेता एवं विधायक सदाभाऊ खोत तथा विधायक गोपीचंद पडलकर ने भर्ती प्रक्रिया पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद सरकार ने भर्ती पर रोक लगाने का निर्णय लिया। बैंक प्रबंधन ने इस आदेश को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया नियमों के तहत शुरू की गई थी और इसे बीच में रोकना अभ्यर्थियों के साथ अन्याय है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार के फैसले पर गंभीर सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि सरकार को अपना पक्ष रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन केवल आचार संहिता का आधार बनाकर भर्ती प्रक्रिया रोकना उचित नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने यह भी कहा कि रोजगार के अवसरों को बिना पर्याप्त कानूनी कारण के बाधित करना युवाओं के अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए 15 दिनों का समय दिया है। साथ ही भर्ती प्रक्रिया पर लगी रोक तत्काल हटाने का निर्देश दिया, जिससे अब बैंक में 444 कनिष्ठ लिपिक पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। अदालत के इस आदेश के बाद भर्ती प्रक्रिया दोबारा शुरू होने की संभावना बढ़ गई है।
राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को महायुति सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। विपक्ष ने भी सरकार पर युवाओं के रोजगार के मुद्दे पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। वहीं, अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि अब भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी होगी और लंबे समय से रुकी नियुक्तियों को गति मिलेगी।
कानूनी जानकारों का मानना है कि यह फैसला भविष्य में भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण उदाहरण साबित हो सकता है। यदि कोई भर्ती प्रक्रिया नियमों के अनुसार शुरू हो चुकी है, तो उसे केवल प्रशासनिक कारणों या सामान्य आचार संहिता के हवाले से रोकना आसान नहीं होगा। अब सभी की नजर राज्य सरकार के जवाब और आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हुई है।
Maharashtra Recruitment: 444 नौकरियों पर लगी रोक हटाने का हाईकोर्ट का आदेश, महायुति सरकार को फटकार; युवाओं के रोजगार से खिलवाड़ नहीं चलेगा

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